सपा जिलाध्यक्ष ने मतदाता सूची में बड़ी धांधली का आरोप लगाया ,जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन |

3 Min Read

फ़र्रुखाबाद/

जनपद फर्रुखाबाद में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया सवालो के घेरे में आ गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने प्रशासन और चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी (डीएम) को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपा और पूरे मामले में गहन जांच की मांग की है।

वैध मतदाताओं के नाम काटे गए, अपात्रों को जोड़ा गया

ज्ञापन के माध्यम से सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न बूथों पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कई वैध मतदाताओं के नाम बिना किसी ठोस कारण या जमीनी सत्यापन के वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। वहीं, नियमों की अनदेखी करते हुए कई अपात्र और बाहरी व्यक्तियों के नाम सूची में शामिल कर लिए गए हैं।

सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने की साजिश का आरोप चंद्रपाल सिंह यादव ने इस गड़बड़ी के लिए सुपरवाइजरों, बीएलओ और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सपा नेता ने इसे निष्पक्ष चुनावों को प्रभावित करने वाली कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि यह सब सत्ता पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने और अन्य पार्टियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।

फतेहगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला उदाहरण

मतदाता सूची की खामियों को उजागर करते हुए जिलाध्यक्ष ने फतेहगढ़ का एक हैरान करने वाला उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को निरीक्षण के लिए दी गई वोटर लिस्ट में ‘मकान नंबर 1’ में 29 वोट और ‘मकान नंबर 0’ में 27 वोट दर्ज मिले हैं।

इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर ऐसी विसंगतियां मिली हैं जहाँ अलग-अलग जातियों के केवल एक-एक वोट दर्ज हैं, जिनके परिवार में न कोई बेटा है और न ही पत्नी। उन्होंने सूची में बड़े पैमाने पर ‘डबल वोट’ (फर्जी वोट) बने होने की बात भी प्रमुखता से उठाई।

दोषी कर्मचारियों पर हो सख्त कार्रवाई सपा नेता ने मांग की है कि गलत तरीके से काटे गए नामों को तुरंत बहाल किया जाए और अवैध रूप से जोड़े गए नामों को तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची से हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे वर्तमान सर्वे रिपोर्ट (एसआईआर) से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो फर्रुखाबाद के कई अन्य बूथों पर भी ऐसे ही बड़े फर्जीवाड़े सामने आएंगे। उन्होंने इस लापरवाही में शामिल सभी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *