कायमगंज मक्का खरीद केंद्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: ‘फिंगर प्रिंट’ के नाम पर वसूली की शिकायत, डीएम ने बैठाई जांच |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)

कायमगंज मंडी समिति स्थित सरकारी मक्का खरीद केंद्र एक बार फिर विवादों में आ गया है। किसानों ने खरीद केंद्र पर फिंगर प्रिंट प्रक्रिया के नाम पर अवैध वसूली, खरीद में पक्षपात और अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर से शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए और जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को मौके पर भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराई।

क्षेत्र के किसान कौशल मिश्रा द्वारा दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि खरीद केंद्र पर किसान अपनी मक्का लेकर पहुंचते हैं तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। किसानों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है, जबकि व्यापारियों द्वारा लाई गई मक्का को प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाता है। इसके चलते किसानों की उपज कई-कई दिनों तक तौल के इंतजार में पड़ी रहती है।

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि मक्का खरीद होने के बाद ऑनलाइन फिंगर प्रिंट प्रक्रिया जानबूझकर लंबित रखी जाती है। किसानों का आरोप है कि फिंगर प्रिंट कराने के लिए उनसे रिश्वत की मांग की जाती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि पैसा नहीं दिया जाता तो उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, जिससे भुगतान में अनावश्यक देरी होती है।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 300 क्विंटल मक्का खरीदने की क्षमता होने के बावजूद गोदाम में करीब 800 क्विंटल मक्का का स्टॉक जमा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि खरीद और उठान की व्यवस्था प्रभावित है। किसानों का कहना है कि इस अव्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई किसान मजबूरी में अपनी उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने के लिए विवश हो रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि शासन की मक्का खरीद नीति का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है तथा क्षेत्र के गरीब किसानों का योजनाबद्ध तरीके से शोषण हो रहा है। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

उधर, जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए पहुंचे जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह और जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मौके पर किसानों से बातचीत की तथा खरीद केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्र प्रभारी से स्टॉक रजिस्टर, खरीद अभिलेख और मक्का तौल से संबंधित सभी दस्तावेजों की जानकारी भी प्राप्त की। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, खरीद केंद्र प्रभारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि किसी भी किसान से अवैध धनराशि नहीं ली जाती। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्र पर बारदाना समाप्त हो गया है, जिसके कारण खरीद प्रभावित हुई है। जैसे ही नया बारदाना उपलब्ध होगा, किसानों की मक्का की खरीद पुनः शुरू कर दी जाएगी।

केंद्र प्रभारी के अनुसार शासन द्वारा केंद्र को 10 हजार क्विंटल मक्का खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 5,900 क्विंटल मक्का खरीदी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक 158 किसानों की उपज की खरीद और तौल की जा चुकी है तथा शेष किसानों की खरीद भी नियमानुसार की जाएगी।

अब निगाहें जिलाधिकारी द्वारा कराई जा रही जांच पर टिकी हैं। यदि किसानों के लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा और संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ जाएगी।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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