फर्रुखाबाद:
पांचाल घाट पर गंगा नदी में डूबे 16 वर्षीय किशोर का छह दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। किशोर की तलाश में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और कानपुर से बुलाई गई एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। इस दुखद घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं में भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
सामग्री विसर्जन के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम निसाई निवासी राजीव कुमार का 16 वर्षीय पुत्र विक्रम गांव में आयोजित भागवत कथा की विसर्जन सामग्री को गंगा में प्रवाहित करने के लिए पांचाल घाट आया था। बताया जा रहा है कि सामग्री विसर्जन के बाद वह गंगा नदी में स्नान करने लगा। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया या वह गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते किशोर पानी में समा गया।
12 किलोमीटर के दायरे में सघन खोजबीन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों को काम पर लगाया गया। शुरुआती घंटों में गोताखोरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन गंगा का जलस्तर और गहराई अधिक होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कानपुर से एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीम को बुलाया। टीम ने मोटर बोट, लाइफ सेफ्टी उपकरणों और आधुनिक तकनीक की मदद से नदी के करीब 12 किलोमीटर के दायरे में सघन खोजबीन की है, लेकिन छह दिन बाद भी किशोर का कोई पता नहीं चल पाया है।
लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद सफलता न मिलने से परिजन बेहद परेशान हैं और घाट पर ही डेरा डाले हुए हैं। हर गुजरते दिन के साथ उनकी उम्मीदें टूटती जा रही हैं, जिससे गांव में भी शोक का माहौल है।
प्रशासन ने घाटों पर बढ़ाई चौकसी, लगाई लाल झंडियां
इस हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
- गंगा नदी के जिन हिस्सों में पानी अधिक गहरा है, वहां लाल रंग की चेतावनी झंडियां लगाई गई हैं ताकि श्रद्धालु उन खतरनाक क्षेत्रों में जाने से बच सकें।
- पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा घाट पर आने वाले लोगों से लगातार गहरे पानी में न उतरने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
गौरतलब है कि पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के सामने प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। गर्मी के मौसम और धार्मिक आयोजनों के चलते यहां भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन अब घाटों पर अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
