*मैनपुरी में ‘मिशन समाधान’ के जरिए 50 साल पुराने भूमि विवाद सुलझे, डीएम ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश*
मैनपुरी, (अजय किशोर)
जनपद में लंबे समय से लंबित भूमि विवादों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अनूठी पहल ‘मिशन समाधान’ रंग ला रही है। आमतौर पर प्रत्येक गुरुवार को आयोजित होने वाला यह अभियान इस बार अवकाश के कारण शुक्रवार को आयोजित किया गया। इसके तहत जिले की सभी तहसीलों में पुलिस और राजस्व की 24 संयुक्त टीमों ने मौके पर जाकर कुल 245 पुराने और पेचीदा मामलों का दोनों पक्षों की मौजूदगी में निस्तारण कराया। इस अभियान के दौरान सालों पुराने पट्टों पर कब्जा दिलाने के साथ-साथ ग्रामसभा की हजारों बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
तहसील घिरोर के ग्राम गोधना और अकबरपुर औंछा में औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ग्रामसभा, सरकारी भूमि, विद्यालय, सड़क और विद्युत उपकेंद्र जैसी सार्वजनिक संपत्तियों का एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट और पृथक लेखा-जोखा तैयार किया जाए। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विवादों का मुख्य कारण स्पष्ट सीमांकन न होना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि का क्षेत्रफल घट-बढ़ नहीं सकता, इसलिए तथ्यों और पैमाइश के आधार पर ही निर्णय लिए जाएं। साथ ही, ग्रामसभा की भूमि को कब्जामुक्त कराने के तुरंत बाद वहां मनरेगा के तहत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो सके।
इस विशेष अभियान के दौरान कई ऐतिहासिक विवादों का अंत हुआ। तहसील करहल के नगला मदारी में राजपाल सिंह को 26 वर्ष बाद तथा ग्राम अंडनी में एक पट्टेधारक को पूरे 50 साल बाद उनके आवंटित पट्टों पर वास्तविक कब्जा दिलाया गया। इसके अलावा, मद्रावली में चारागाह की भूमि, विभिन्न ग्रामों में चकमार्ग, खलिहान और तालाबों की जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया। आज की कार्यवाही में सदर तहसील के 57, भोगांव के 32, किशनी के 37, करहल के 54, कुरावली के 40 और घिरोर के 25 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस दौरान उप जिलाधिकारी घिरोर अंजली सिंह सहित राजस्व और पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
