फर्रुखाबाद।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 का सोमवार को जिले में शांतिपूर्ण एवं कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच शुभारंभ हो गया। परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की गहन जांच सहित तीन स्तरीय सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
जिले में तीन दिनों तक चलने वाली इस भर्ती परीक्षा में आठ जनपदों के 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा संचालन के लिए जिले में कुल 19 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 560 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि 74 निरीक्षकों को रिजर्व रखा गया है।
सुबह से ही केंद्रों पर उमड़ी अभ्यर्थियों की भीड़
पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। इसके लिए अभ्यर्थी सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंचने लगे थे। सुबह आठ बजे से केंद्रों के गेट खोले गए और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। कई केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था के चलते प्रवेश प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक और दस्तावेज सत्यापन की त्रिस्तरीय व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सबसे पहले अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इसके बाद आधार कार्ड और प्रवेश पत्र का मिलान किया गया तथा बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। सुरक्षा मानकों के तहत अभ्यर्थियों के जूते उतरवाकर जांच की गई। वहीं महिला अभ्यर्थियों को कानों की बालियां एवं अन्य धातु सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए।
शहर के बद्री विशाल डिग्री कॉलेज में अभ्यर्थियों की जूते उतरवाकर सघन जांच की गई। वहीं नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे 380 अभ्यर्थियों की लंबी कतारें सुबह नौ बजे तक सड़क पर लगी रहीं। यहां पुलिसकर्मी सड़क पर ही अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें केंद्र परिसर में प्रवेश दिया गया।
कक्ष निरीक्षकों पर भी लागू रही सख्ती
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कक्ष निरीक्षकों के लिए भी कड़े नियम लागू किए गए। सभी निरीक्षक सुबह 6:30 बजे तक अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे। उन्हें भी आधार कार्ड, अधिकृत पहचान पत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति दी गई।
दूर-दराज से पहुंचे अभ्यर्थी
परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। हरदोई से आए जयसिंह ने बताया कि सुबह के समय बस सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निजी वाहन से फर्रुखाबाद आना पड़ा। मैनपुरी निवासी नितेश यादव ने कहा कि परीक्षा न छूटे इसलिए वह रात एक बजे ही शहर पहुंच गए थे और रोडवेज बस स्टेशन पर रात बिताई। वहीं दिल्ली में निजी नौकरी करने वाले विकास पाल परीक्षा देने के लिए ट्रेन से पहुंचे और उन्होंने अपनी तैयारी को लेकर संतोष जताया।
दूसरी पाली के लिए भी प्रशासन पूरी तरह तैयार
प्रशासन के अनुसार परीक्षा की दूसरी पाली शाम तीन बजे से पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए भी सुरक्षा बलों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और चेकिंग व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा के पहले दिन जिले के सभी केंद्रों पर व्यवस्था संतोषजनक रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना अथवा अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने और परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
