पश्चिम एशिया में पिछले दो हफ्तों से लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच अचानक बड़ा मोड़ आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हवाई हमले नहीं करने का निर्देश दिया।
इससे पहले ट्रंप लगातार 13 दिनों तक हर दिन सैन्य हमलों की मंजूरी दे रहे थे. वहीं दूसरी तरफ अब ईरान और यूक्रेन में एक जहाज पर हमले को लेकर ठनी हुई है. लेकिन पहले ईरान और अमेरिका की खबर समझ लेते हैं. भारतीय समय के मुताबक हर सुबह 5 बजे से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड एक्स पर पोस्ट करके बताता था कि वह हमले कर रहा है। लेकिन 25 जुलाई को ऐसा कोई भी पोस्ट नहीं आया. हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका दोबारा हमले शुरू कर सकता है, लेकिन फिलहाल उनकी प्राथमिकता बातचीत के जरिए समाधान निकालना है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो हमले जारी रख सकता है या उन्हें और तेज कर सकता है. लेकिन उन्होंने इसे ‘समझौते का सही समय’ बताते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और उन्हें लगता है कि तेहरान अब पहले से ज्यादा गंभीर नजर आ रहा है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचा, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े संभावित समझौते पर बातचीत हुई. रिपोर्ट का दावा है कि इस बातचीत में कुछ प्रगति हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के सुरक्षा तंत्र को उम्मीद थी कि शुक्रवार को अमेरिका ईरान पर एक और बड़ा हमला करेगा । इसी आशंका के चलते इजरायली सेना और सुरक्षा कैबिनेट हाई अलर्ट पर थे. बाद में उन्हें जानकारी दी गई कि ट्रंप ने नए हमलों की मंजूरी नहीं दी।
इसी बीच ईरान ने एक अलग मोर्चे पर यूक्रेन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि कैस्पियन सागर जो रूस और ईरान को जोड़ता है वहां एक वाणिज्यिक जहाज पर यूक्रेन ने हमला किया. इस हमले में एक नाविक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। ईरान ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए तेहरान में यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक को तलब किया. विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख से बातचीत में भी इस घटना की निंदा करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की. वहीं ईरान से जुड़े कई टेलीग्राम चैनलों ने ईरानी मिसाइलों की रेंज दिखाते हुए धमकी दे रहे हैं कि कि वह यूक्रेन तक हमला कर सकते हैं।
