कायमगंज/फर्रुखाबाद।
शकुन्तला देवी शिक्षण संस्थान में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह का अवतरण दिवस श्रद्धा और देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों और छात्राओं ने भगत सिंह के व्यक्तित्व, संघर्ष और देश के प्रति उनके समर्पण पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर नजर आया।

गोष्ठी में ब्रह्मविनोद शाश्वत ने कहा कि भगत सिंह को देश से इतना गहरा प्रेम था कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और सुख-सुविधाओं को पीछे छोड़कर स्वयं को देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम की मिसाल है।

भूमिका सक्सेना ने कहा कि भगत सिंह को केवल याद कर लेना ही सच्ची श्रद्धांजलि नहीं है। उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना भी जरूरी है। युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए।
कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और भगत सिंह के जीवन एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्राओं ने उनके साहस, देशभक्ति और बलिदान को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुतीक्षण श्रीवास्तव ने कहा कि भगत सिंह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। महज 23 वर्ष की आयु में जिस अदम्य साहस, देशभक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय उन्होंने दिया, वह इतिहास में अद्वितीय है। उनके विचारों और क्रांतिकारी तेवरों ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी और देश की आजादी के आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को यह संदेश देता है कि देश और समाज के हित में दृढ़ संकल्प के साथ किया गया संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन विकास श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान संतोष शर्मा, ममता सिंह, लक्ष्मी गंगवार, सिल्की मिश्रा, सुरभि श्रीवास्तव, प्रिया द्विवेदी, संदीप यादव, कमला गंगवार, लालाराम राजपूत, अमित कुमार, सीता गौड़, गुंजन पाल, सताक्षी, सुजाता राजपूत, अखिलेश कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक – शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

