कायमगंज कृषि मंडी में भीषण अग्निकांड: लाखों का बारदाना राख, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल |

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रिपोर्ट सुधीर सिंह |

कायमगंज/फर्रुखाबाद।

नगर की नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति में देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के चलते आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और कई फल व्यापारियों की दुकानें जलकर राख हो गईं। इस हादसे में व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने मंडी प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात मंडी परिसर से धुआं उठता देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। देखते ही देखते आग ने फल व्यापारियों की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में फल व्यापारी नन्हे मियां, शानू खान, इफ्तार और अंबुज गंगवार की दुकानें पूरी तरह जल गईं। दुकानों में रखा नया बारदाना, पैकिंग सामग्री और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट सामान जलकर राख हो गया।

बताया जा रहा है कि आम सीजन शुरू होने वाला है, जिसके चलते व्यापारियों ने पहले से ही बड़ी मात्रा में नया बारदाना और जरूरी सामग्री का स्टॉक कर रखा था। आग लगने से उनकी सीजन की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। व्यापारियों के मुताबिक नुकसान लाखों रुपये में है।

आग की सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि एक दमकल गाड़ी से हालात काबू में नहीं आए। इसके बाद फर्रुखाबाद मुख्यालय और एटा जनपद के अलीगंज से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं। कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। मौके पर एसडीएम अतुल कुमार सिंह, सीओ राजेश कुमार द्विवेदी और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।

घटना के बाद व्यापारियों ने मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापार मंडल नेताओं संजय गुप्ता, आदेश अग्निहोत्री और उमेश गुप्ता का कहना है कि मंडी में तैनात सुरक्षा गार्ड अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहे थे। अगर समय रहते आग की जानकारी मिल जाती तो इतना बड़ा नुकसान रोका जा सकता था।

व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी परिसर में बनी पानी की टंकी सफेद हाथी पिछले करीब 10 वर्षों से बेकार पड़ी है और आग बुझाने में उसका कोई उपयोग नहीं हो सका। वहीं मंडी सचिव शैलेंद्र वर्मा और मार्केटिंग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के मौके पर नहीं पहुंचने से व्यापारियों में नाराजगी और बढ़ गई।

कुछ व्यापारियों ने दावा किया कि मंडी में कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारी सनी, जो औरैया व कायमगंज दोनों जगह काम करता है, उसके सफाई कर्मचारी द्वारा पी गई चिलम की चिंगारी से आग लगने की आशंका है। हालांकि प्रशासन ने अभी इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पीड़ित व्यापारियों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है। इस अग्निकांड ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।

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