फर्रुखाबाद।
जिले में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाकर सड़क पर शोर मचाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर गुरुवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी सतेंद्र कुमार ने नगर क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान 8 ट्रक प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए, जिन्हें तत्काल सीज कर दिया गया। इनमें से 4 ट्रक ओवरलोड भी मिले। कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन चालकों पर कुल 2.01 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 7 मई से 13 मई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वाले वाहन चालकों के साथ-साथ ऐसे उपकरण लगाने वाले डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में अवैध रूप से बदलाव करता है तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में 6 माह तक की जेल या 5 हजार रुपये तक जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।
वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शोर और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली बार पकड़े जाने पर 3 माह तक की जेल, 10 हजार रुपये तक जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस 3 माह के लिए निलंबित किया जा सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहन दिखाई दें तो परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 और 149 पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन वाहनों का चालान पहले हो चुका है और उनमें दोबारा ऐसे उपकरण पाए जाते हैं, उनके आरसी निलंबन की कार्रवाई भी प्राथमिकता से की जाएगी।
