फर्रुखाबाद।
जिले में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर शुक्रवार को एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारी सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार ने शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान 3 बुलेट मोटरसाइकिलें मॉडिफाइड साइलेंसर के साथ पकड़ी गईं, जिन्हें थाना कादरीगेट में सीज कर दिया गया। साथ ही संबंधित वाहन चालकों पर कुल 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई वाहन चालक मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। वहीं जिन वाहनों में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण लगे पाए जाएंगे, उनके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) को निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
परिवहन विभाग ने ऐसे डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है, जो वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर लगाते हैं। इसके लिए 7 मई से 13 मई 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अगर किसी वाहन में ऐसे अवैध उपकरण लगे हों तो इसकी शिकायत परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800 1800 151 और 149 पर की जा सकती है।
इसी क्रम में एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने एआरटीओ कार्यालय फर्रुखाबाद में वाहन डीलर्स, गैराज और वर्कशॉप संचालकों की बैठक भी की। बैठक में साफ चेतावनी दी गई कि अगर कोई डीलर या गैराज वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर लगाता पाया गया तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत प्रति मामले में 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
