PET परीक्षा में हिंदी ने दी राहत, गणित-GK ने छुड़ाए पसीने; पहली पाली में 2,370 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद |

उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) को लेकर फर्रुखाबाद में परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटी रही। जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में कहीं हिंदी के आसान सवालों ने अभ्यर्थियों को राहत दी, तो कहीं गणित और सामान्य ज्ञान के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाकर रख दिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर चर्चाएं होती रहीं। किसी ने पेपर को आसान बताया, तो किसी के चेहरे पर गणित और सामान्य अध्ययन के सवालों को लेकर परेशानी साफ दिखाई दी। वहीं, नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए केंद्रों पर सुरक्षा और जांच के कड़े इंतजाम किए गए थे।

पहली पाली में 2,370 अभ्यर्थी रहे गैरहाजिर

सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली की परीक्षा आयोजित की गई। इसके लिए जिले में कुल 8,688 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन परीक्षा में 6,318 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। जबकि 2,370 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस प्रकार पंजीकृत अभ्यर्थियों में से करीब 72.7 प्रतिशत ने परीक्षा दी, जबकि लगभग 27.3 प्रतिशत अनुपस्थित रहे।

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच की गई और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्षों में जाने दिया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर आए परीक्षार्थियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए।

हिंदी के सवालों ने दी राहत, गणित में अटके परीक्षार्थी

अभ्यर्थियों के मुताबिक, हिंदी का प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल रहा। हिंदी के गद्यांश और उनसे जुड़े सवालों को हल करने में अधिक परेशानी नहीं हुई। हालांकि, गणित और सामान्य ज्ञान के कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। जिन परीक्षार्थियों की गणित पर पकड़ कमजोर थी, उन्होंने इस विषय के कुछ सवाल छोड़कर दूसरे विषयों के प्रश्न हल करने पर ध्यान दिया।

करेंट अफेयर्स और सामान्य अध्ययन के सवालों को लेकर भी अभ्यर्थियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ परीक्षार्थियों ने पूरे पेपर को संतुलित बताया, जबकि कुछ ने कहा कि कुछ प्रश्न अपेक्षा से अलग थे।

आजमगढ़ के यादवेंद्र बोले—कुल मिलाकर अच्छा रहा पेपर

आजमगढ़ से परीक्षा देने पहुंचे यादवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रश्नपत्र कुल मिलाकर सरल था। हिंदी के पैराग्राफ से जुड़े सवाल आसानी से हल हो गए। करेंट अफेयर्स के कुछ प्रश्न थोड़े अलग जरूर लगे, लेकिन पूरे पेपर में उन्हें कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। उनके अनुसार, प्रश्नपत्र ऐसा था जिसे सामान्य तैयारी के आधार पर हल किया जा सकता था।

वहीं, हरदोई निवासी और फार्मासिस्ट सुनील कुमार चौरसिया ने बताया कि उनकी परीक्षा अच्छी रही। गणित के कुछ सवालों में परेशानी आई, लेकिन अन्य विषयों के प्रश्नों को हल करने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई।

कानपुर से परीक्षा देने पहुंचीं आकृति सिंह ने बताया कि सामान्य अध्ययन (GS) के प्रश्नों को हल करने में अपेक्षाकृत अधिक परेशानी हुई, जबकि बाकी प्रश्नपत्र ठीक रहा। अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट हुआ कि पेपर को लेकर सभी का अनुभव एक जैसा नहीं रहा।

क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में तीन स्तरों पर जांच, मेटल डिटेक्टर से हुई तलाशी

परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच की गई। क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से तीन स्तरों पर जांच की गई। पुरुष अभ्यर्थियों के जूते उतरवाकर भी तलाशी ली गई। जांच के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

सीओ सिटी अभय वर्मा ने भी परीक्षा केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा में शामिल कराया जा सके।

कंगन, ईयररिंग और लॉकेट तक उतरवाए, जांच के बाद मिला प्रवेश

बद्री विशाल डिग्री कॉलेज में भी अभ्यर्थियों की सघन तलाशी लेने के बाद ही प्रवेश दिया गया। एनएकेपी डिग्री कॉलेज में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, जिससे जांच और प्रवेश की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी कराई जा सके।

जांच के दौरान महिला अभ्यर्थियों की ईयररिंग, कंगन, क्लेचर और कलाई में बंधे धागे तक उतरवाए गए। महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लॉकेट निकलवाकर जांच की गई। चश्मा लगाने वाले परीक्षार्थियों के चश्मे भी जांच के लिए उतरवाए गए।

कन्नौज के छिबरामऊ से परीक्षा देने पहुंचीं अंजलि के कंगन उतरवाए गए, जबकि कन्नौज से आईं आरती की ईयररिंग उतरवाई गईं। केंद्रों पर निर्धारित जांच प्रक्रिया का सख्ती से पालन कराया गया। अभ्यर्थियों को जांच के विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।

दूसरी पाली की परीक्षा पर टिकी निगाहें

पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद अब दूसरी पाली को लेकर भी अभ्यर्थियों में उत्सुकता बनी रही। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित थी। प्रत्येक पाली में आठ हजार से अधिक अभ्यर्थियों के पंजीकृत होने की जानकारी दी गई।

पहली पाली के परीक्षार्थियों की प्रतिक्रियाओं में हिंदी को राहत देने वाला विषय बताया गया, जबकि गणित, सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के कुछ सवालों को चुनौतीपूर्ण माना गया। हालांकि, प्रश्नपत्र की कठिनाई को लेकर अभ्यर्थियों के अनुभव अलग-अलग रहे।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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