संकिसा में बौद्ध महोत्सव का शंखनाद, श्रीलंका से पहुंचे श्रद्धालु; स्तूप पर मोमबत्तियां जलाकर की विश्व शांति की कामना |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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रिपोर्टर सुधीर सिंह |

संकिसा/फर्रुखाबाद।

संकिसा में बुद्ध की धरती पर आस्था का सैलाब, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्तूप की परिक्रमा कर की प्रार्थना। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर ऐतिहासिक बौद्ध नगरी संकिसा में दो दिवसीय बौद्ध महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। शाम करीब तीन बजे अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव शुरू होते ही परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। श्रीलंका से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्तूप की परिक्रमा कर मोमबत्तियां जलाईं और प्रार्थना की। दीपों की रोशनी, धार्मिक गतिविधियों और बौद्ध भिक्षुओं के प्रवचनों से पूरा परिसर आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।

श्रीलंका से लेकर दिल्ली तक, संकिसा में जुटे श्रद्धालु

शरद पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हर साल बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी पहुंचते हैं। इस बार भी हरदोई, कानपुर, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, बरेली और दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु संकिसा पहुंचे। विदेशी श्रद्धालुओं में श्रीलंका से आए लोगों की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने स्तूप की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और शांति की कामना की। मेले के साथ बौद्ध भिक्षुओं के प्रवचन भी आयोजित किए गए। पहले दिन धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा, जबकि रातभर कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी की गई।

म्यांमार और जापान के मंदिरों में भी दिखी रौनक

संकिसा स्थित म्यांमार और जापान के बौद्ध मंदिरों में भी रविवार को श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी आवाजाही रही। शरद पूर्णिमा के अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने मंदिरों में दर्शन किए और प्रार्थना की। बौद्ध धर्म से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल पर महोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन की भी झलक देखने को मिली। देशी-विदेशी श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने संकिसा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।

250 पुलिसकर्मियों के हवाले सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर निगरानी

महोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। स्तूप के चारों ओर बैरिकेडिंग कराई गई, जबकि सुरक्षा व्यवस्था में कुल 250 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इनमें 150 कांस्टेबल और 100 हेड कांस्टेबल, दरोगा व इंस्पेक्टर शामिल हैं। पूरे परिसर पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल से करीब 100 मीटर पहले चार पहिया वाहनों को रोकने की व्यवस्था की गई। प्रशासन की कोशिश रही कि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो और महोत्सव के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

एडीएम और एएसपी ने मौके पर पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं

महोत्सव की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एडीएम प्रशासन अरुण कुमार सिंह और एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों, श्रद्धालुओं की आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं को परखा।

एडीएम प्रशासन अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर आयोजित बौद्ध महोत्सव में फर्रुखाबाद के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार सुबह निकलने वाली यात्रा को लेकर भी तैयारियां पूरी की गई हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों तथा कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। प्रशासन का जोर है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

संकिसा का बौद्ध महोत्सव पहले दिन श्रद्धा, शांति और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का केंद्र बना रहा। स्तूप की परिक्रमा, मोमबत्तियों की रोशनी और विभिन्न देशों से पहुंचे अनुयायियों की मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक नगरी को धार्मिक उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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