झोपड़ी में भड़की आग, ढाई साल की मासूम जिंदा जली; बचाने में दादी गंभीर रूप से झुलसीं |

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रिपोर्ट सुधीर सिंह |

कायमगंज/फर्रुखाबाद।

कायमगंज क्षेत्र के कम्पिल थाना अंतर्गत कमरुद्दीननगर गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार को एक झोपड़ी में अचानक लगी भीषण आग ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। इस दर्दनाक हादसे में ढाई साल की एक मासूम बच्ची की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि अपनी पोती को बचाने के प्रयास में उसकी बुजुर्ग दादी गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

सोते समय अचानक भड़की आग, एक जुड़वा बहन को ग्रामीणों ने बचाया

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमरुद्दीननगर निवासी उर्वेश यादव की झोपड़ी में उनकी बुजुर्ग मां जदुरानी और ढाई साल की जुड़वा बेटियां—कुसुम प्रिया व रुद्र प्रिया सो रही थीं। इसी दौरान अज्ञात कारणों से झोपड़ी में अचानक आग लग गई। चिलचिलाती गर्मी और तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक बच्ची (रुद्र प्रिया) को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दूसरी मासूम कुसुम प्रिया आग की लपटों के बीच ही फंस गई।

पोती को बचाने आग में कूदी दादी, खुद भी झुलसीं

अपनी मासूम पोती को आग में घिरा देख बुजुर्ग दादी जदुरानी (65) अपनी जान की परवाह किए बिना झोपड़ी के भीतर कूद पड़ीं। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वह बच्ची तक नहीं पहुंच सकीं। इस दिल दहला देने वाले हादसे में मासूम कुसुम प्रिया की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पोती को बचाने की कोशिश में दादी जदुरानी गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें आनन-फानन में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

तंग गलियों के कारण नहीं पहुंच सकी दमकल, गृहस्थी हुई राख

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन गांव की गलियां अत्यधिक तंग होने के कारण दमकल की बड़ी गाड़ी घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद दमकलकर्मियों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बाल्टियों से पानी डालकर बमुश्किल आग पर काबू पाया।

इस अग्निकांड में पीड़ित परिवार का सब कुछ स्वाहा हो गया। झोपड़ी में रखा करीब चार क्विंटल गेहूं, नौ हजार रुपये की नकदी, मोबाइल फोन और घर का सारा जरूरी सामान जलकर राख हो गया। मृत बच्ची की मां सरिता और पिता उर्वेश समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासन ने दिया आर्थिक मदद और पट्टे का भरोसा

हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। इस संबंध में एसडीएम (SDM) अतुल कुमार सिंह ने बताया: यह बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष के अंतर्गत जल्द से जल्द आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कराई जाएगी। इसके साथ ही, यदि जांच में पीड़ित परिवार भूमिहीन पाया जाता है, तो उन्हें रहने के लिए आवासीय पट्टा भी आवंटित किया जाएगा।

मासूम बच्ची की इस तरह हुई दर्दनाक मौत से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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