फर्रुखाबाद।
गर्भवती महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या को कम करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों का असर अब महिलाओं तक पहुंचने लगा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में FCM (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) थेरेपी की सुविधा को स्वास्थ्य इकाइयों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया है। जिले में अब तक 187 गर्भवती महिलाओं को FCM थेरेपी दी जा चुकी है। इससे आयरन की कमी से जूझ रही महिलाओं को उपचार उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।
FCM थेरेपी शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा करने में सहायक होती है। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार इसका उपयोग उन गर्भवती महिलाओं में किया जाता है, जिनमें एनीमिया की स्थिति पाई जाती है। इसके माध्यम से महिलाओं में खून की कमी को नियंत्रित करने और गर्भावस्था के दौरान उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिलती है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक कायमगंज में 90, राजेपुर में 40, डीएच फर्रुखाबाद में 18, कमालगंज में 11, शमसाबाद में 8, बरहापुर और मोहम्मदाबाद में 5-5, नाल्लाखा यूपीएचसी में 4, नबावगंज व सिविल अस्पताल में 3-3, साहबगंज व नवदिया यूपीएचसी में 2-2 तथा भोलेपुर यूपीएचसी में एक महिला को FCM थेरेपी दी जा चुकी है। इस प्रकार जिले में कुल 187 महिलाओं को FCM थेरेपी का लाभ मिला है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया को हल्के में नहीं लिया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि महिलाओं में खून की कमी की समय से पहचान हो और जरूरत के अनुसार उन्हें आधुनिक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जाए। FCM थेरेपी की सुविधा को अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य इकाइयों को लगातार निर्देशित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ शिशु की मजबूत नींव है। इसलिए मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एनीमिया की रोकथाम, समय से जांच और आवश्यक उपचार पर स्वास्थ्य विभाग विशेष ध्यान दे रहा है।

