फर्रुखाबाद।
प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को अक्सर रहने और खाने-पीने की परेशानियों से जूझना पड़ता है, लेकिन फर्रुखाबाद में पीईटी परीक्षा देने पहुंचे युवाओं के लिए मदद का ऐसा हाथ बढ़ाया गया है, जिसने उन्हें बड़ी राहत दी है। यहां विशंभर नाथ धर्मशाला में बाहर से आए अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क ठहरने से लेकर भोजन और सुबह के नाश्ते तक की व्यवस्था की गई है। इस सराहनीय पहल की अभ्यर्थी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।

रविवार को जनपद के 22 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) आयोजित की जाएगी। परीक्षा में 17 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के फर्रुखाबाद पहुंचने के चलते ठहरने की समस्या को देखते हुए फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने अपनी टीम के साथ मिलकर उनके लिए निःशुल्क इंतजाम कराया है।

इस व्यवस्था का लाभ आजमगढ़, कानपुर, हरदोई सहित विभिन्न जनपदों से आए अभ्यर्थी उठा रहे हैं। धर्मशाला में उनके रुकने के लिए उचित स्थान, पंखे, स्वच्छ पेयजल और भोजन की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को शाम का खाना और सुबह का नाश्ता भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जा रहा है। व्यवस्था का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को केवल अपना आधार कार्ड जमा करना होता है।
500 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे अभ्यर्थियों को मिला घर जैसा माहौल
आजमगढ़ से करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय कर परीक्षा देने पहुंचे सचिन यादव और हरदोई के अमित कुमार मौर्य ने बताया कि फर्रुखाबाद पहुंचने के बाद उन्हें ठहरने और खाने-पीने की चिंता सता रही थी, लेकिन विशंभर नाथ धर्मशाला में मिली सुविधाओं ने उनकी परेशानी दूर कर दी। उन्होंने कहा कि यहां जिस तरह से अपनापन और सहयोग मिल रहा है, उससे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे अपने ही घर में ठहरे हों। दूसरे जिलों में इस तरह की निःशुल्क व्यवस्था आसानी से देखने को नहीं मिलती।
11वीं बार दोहराई जा रही सेवा की मिसाल
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि उनकी टीम लगातार बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों की मदद कर रही है। यह 11वीं बार है, जब परीक्षा देने के लिए दूसरे जनपदों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि काफी समय पहले सर्दियों के दौरान एक परीक्षा में शामिल होने आए विद्यार्थियों को ठंड में परेशान होते देखा था। उसी समय मन में विचार आया कि बाहर से आने वाले बच्चों के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे उन्हें परीक्षा के दौरान कम से कम रहने और खाने की परेशानी न उठानी पड़े। इसी सोच के साथ शुरू हुई यह सेवा आज भी निरंतर जारी है।
बेटियों की सुरक्षा का भी रखा गया विशेष ध्यान
इस पूरी व्यवस्था में महिला अभ्यर्थियों और उनके साथ आने वाले अभिभावकों की सुविधा एवं सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उनके लिए अलग से ठहरने की व्यवस्था की गई है, ताकि दूरदराज से आने वाली छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पीईटी परीक्षा के दौरान फर्रुखाबाद में की गई यह पहल केवल भोजन और आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे जिलों से आने वाले युवाओं को अपनापन और सहयोग देने की एक मिसाल भी बन गई है। भईयन मिश्रा और उनकी टीम की इस पहल की अभ्यर्थियों द्वारा सराहना की जा रही है।
