रिपोर्ट गोपाल सक्सेना।
नवाबगंज /फर्रुखाबाद।
थाना क्षेत्र में आयोजित रामलीला के मंच पर अश्लील डांस की प्रस्तुतियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धार्मिक आयोजन की मर्यादा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में फिल्मी गानों पर नृत्य की प्रस्तुतियां होती दिखाई दे रही हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। वहीं, पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

वायरल वीडियो में ‘अंगूरी बदन’ और ‘दिल देने की रुत आई’ जैसे गानों पर नृत्य प्रस्तुत किए जाने के दृश्य सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि रामलीला जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में बच्चे, महिलाएं और परिवार बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक मंच पर इस तरह की प्रस्तुतियां आयोजन की गरिमा के विपरीत हैं।

लोगों का कहना है कि रामलीला का मंच भगवान श्रीराम के आदर्शों, संस्कारों और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। ऐसे में मंच पर इस तरह के नृत्य कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। लोगों ने आयोजन समिति की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी प्रस्तुतियों की अनुमति किस आधार पर दी गई।
थाना अध्यक्ष ने जताई अनभिज्ञता, जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा
मामले को लेकर नवाबगंज थाना अध्यक्ष बृजमोहन पाल से फोन पर उनका पक्ष जाना गया। उन्होंने बताया कि रामलीला का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, लेकिन इस तरह के अश्लील डांस की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी और कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सार्वजनिक रूप से आयोजित कार्यक्रम में इस तरह की प्रस्तुतियां हो रही थीं तो पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? फिलहाल थाना अध्यक्ष ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आयोजन समिति की भूमिका को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। हालांकि जनरल फोर्स वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता |
