मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद।
इटावा-बरेली हाईवे पर मदनपुर चौकी क्षेत्र में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ईंट भट्ठे के पास झाड़ियों में करीब 40 वर्षीय युवक का शव पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी, फॉरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
मृतक की पहचान कमालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम अलाउद्दीनपुर निवासी नफीस (40) पुत्र स्वर्गीय गफरुद्दीन के रूप में हुई। पहचान होते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार नफीस मजदूरी करने के लिए गोवा गया था। कुछ दिन पहले ही वह घर लौटा था, लेकिन 1 अगस्त को बेवर बस स्टैंड से अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। कई दिनों की तलाश के बाद अब उसका शव हाईवे किनारे झाड़ियों में मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं। वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि नफीस की अंतिम गतिविधियों और उसके साथ क्या हुआ, इसका पता लगाया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि बेवर में हुए एक विवाद और उसके बाद की परिस्थितियों को भी पुलिस जांच के दायरे में लेकर सभी पहलुओं पर पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नफीस की मौत दुर्घटना का परिणाम है या फिर उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।
क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मौत के सही कारण का इंतजार किया जा रहा है।
इस सनसनीखेज घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
