फर्रुखाबाद/
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था, दवा वितरण प्रणाली, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया। कई स्थानों पर अव्यवस्थाएं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत रजिस्ट्रेशन काउंटर से की गई, जहां जिलाधिकारी ने मरीजों के पंजीकरण रजिस्टर का अवलोकन किया। निरीक्षण में पाया गया कि शनिवार को लगभग 200 मरीजों के पर्चे बनाए गए थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज का रजिस्ट्रेशन करते समय उसकी आभा आईडी (ABHA ID) अनिवार्य रूप से बनाई जाए, ताकि मरीजों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखा जा सके और भविष्य में इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम हो।
इसके बाद जिलाधिकारी ने आयुष ओपीडी का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पाया कि उपलब्ध दवाओं की सूची मरीजों की जानकारी के लिए प्रदर्शित नहीं की गई थी। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध सभी दवाओं की सूची स्पष्ट रूप से चस्पा कराई जाए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को दवाओं की उपलब्धता की जानकारी मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था भी जिलाधिकारी के निशाने पर रही। वार्डों में बिछी बेडशीट गंदी मिलीं, वहीं बाथरूमों की स्थिति भी असंतोषजनक पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए अस्पताल प्रशासन को तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, क्योंकि स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जिलाधिकारी ने बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में रखे डस्टबिन निर्धारित कलर कोडिंग के अनुसार नहीं थे और कई स्थानों पर गंदगी भी दिखाई दी। इस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार मेडिकल वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों को दिए जाने वाले दवा पर्चों की भी जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक दवाओं का डोज, सेवन की अवधि और आवश्यक निर्देश स्पष्ट रूप से पर्चे पर अंकित करें, ताकि मरीजों को दवा लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही उन्होंने ड्रग हाउस में उपलब्ध दवाओं का पूरा रिकॉर्ड कम्प्यूटर में सुरक्षित रखने तथा प्रत्येक चिकित्सक कक्ष में उपलब्ध दवाओं की सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में लापरवाही, गंदगी और अव्यवस्था किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
