मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की बड़ी पहल: भटके हुए बुजुर्ग पिता को ढूंढकर पुत्रों को सौंपा |

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फर्रुखाबाद।

समाज सेवा और पीड़ित न्याय के लिए सदैव तत्पर रहने वाले सामाजिक संगठन ‘मानवाधिकार सुरक्षा संगठन’ ने एक बार फिर मानवीयता की अनूठी मिसाल पेश की है। संगठन के जिला अध्यक्ष गौरव कुमार यादव (टिंकल भईया) के प्रयासों से कानपुर से भटके एक बुजुर्ग पिता को उनके बेटों से मिलवाया गया।

पेट्रोल पंप पर लाचार मिले थे बुजुर्ग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के जसमई स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन (बाईपास) पर एक बुजुर्ग व्यक्ति काफी परेशान हालत में मिले। बुजुर्ग की पहचान मैयादीन (मैया लाल), निवासी ग्राम हरचंदपुर, पोस्ट सचेंडी (सफई), जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई। मानसिक अस्वस्थता या घबराहट के कारण वह न तो अपना पूरा पता स्पष्ट कर पा रहे थे और न ही उनके पास कोई मोबाइल नंबर था, जिससे उनके परिवार से संपर्क किया जा सके।

सोशल मीडिया और पुलिस के सहयोग से मिली सफलता

मामला संज्ञान में आते ही मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष गौरव कुमार यादव (टिंकल भईया) ने तत्काल कार्रवाई की।

  1. गौरव कुमार यादव ने तुरंत कानपुर के सचेंडी थानाध्यक्ष से फोन पर वार्ता की और एक पुलिस टीम को बुजुर्ग के घर भेजकर परिजनों को सूचित करवाया।
  2. बुजुर्ग की पहचान और खोजबीन को आसान बनाने के लिए सोशल मीडिया पर उनका वीडियो बनाकर भी वायरल किया गया।

इस सराहनीय कार्य में रायपुर चौकी के सिपाही मनोज यादव, पेट्रोल पंप कर्मी, और मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के पदाधिकारी गोपाल कृष्ण सक्सेना सहित अन्य टीम सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

बेटों को दी सख्त हिदायत

सूचना मिलते ही बुजुर्ग के दो पुत्र मातादीन और अंकित तत्काल फर्रुखाबाद पहुंचे। अपने खोए हुए पिता को सुरक्षित पाकर दोनों पुत्रों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने संगठन व पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों ने बताया कि इससे पहले भी उनके पिता एक बार घर से कहीं चले गए थे।

मानवाधिकार सुरक्षा संगठन सामाजिक सहयोग के लिए हमेशा हर नागरिक के साथ खड़ा है। बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर हैं, उनका अनादर या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।गौरव कुमार यादव (टिंकल भईया), जिलाध्यक्ष

विदाई के समय जिला अध्यक्ष गौरव कुमार यादव ने बुजुर्ग के बेटों को सख्त हिदायत दी कि वे भविष्य में अपने पिता का विशेष ध्यान रखें ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में परिवार को किसी भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता हो, तो संगठन हमेशा मदद के लिए तैयार है।

बुजुर्ग पिता प्रसन्न होकर अपने बेटों के साथ घर वापस लौट गए। संगठन के इस नेक और सराहनीय कार्य के लिए क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने गौरव कुमार यादव और उनकी पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

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