फर्रुखाबाद/
जनपद की सुल्तानपुर पालनपुर गौशाला में कथित रूप से कई गोवंशों की मौत और उनकी बदहाल स्थिति का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) ने आरोप लगाया है कि गौशाला की दुर्दशा और गोवंशों की मौत की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने वाले संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। संगठन ने इसे जनहित में आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भाकियू अखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 29 मई को उन्हें सुल्तानपुर पालनपुर गौशाला का एक वीडियो प्राप्त हुआ था, जिसमें 7 से 10 गोवंश मृत अवस्था में दिखाई दे रहे थे, जबकि कई अन्य पशु भूख-प्यास और बीमारी से पीड़ित नजर आ रहे थे। वीडियो देखने के बाद संगठन के गौ रक्षक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
संगठन का दावा है कि स्थिति गंभीर पाए जाने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। खंड विकास अधिकारी को फोन पर सूचना देने के साथ-साथ जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा एसडीएम कायमगंज को भी व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो और अन्य साक्ष्य भेजे गए। हालांकि संगठन के अनुसार किसी भी अधिकारी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासनिक कार्रवाई न होने पर सोशल मीडिया का सहारा
नरेंद्र सोमवंशी का कहना है कि जब शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित और गोवंशों के संरक्षण के उद्देश्य से उक्त वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर साझा किया गया। उनका आरोप है कि अगले दिन जिला सूचना कार्यालय से फोन कर वीडियो हटाने का अनुरोध किया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक गोवंशों की मौत के कारणों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वीडियो नहीं हटाया जाएगा।
शिकायतकर्ताओं पर ही दर्ज हो गया मुकदमा
भाकियू अखंड प्रदेश का आरोप है कि 31 मई को उन्हें समाचार माध्यमों से जानकारी मिली कि थाना कपिल क्षेत्र में उनके समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संगठन का कहना है कि उनका किसी भी अधिकारी अथवा गौशाला का संचालन करने वाली संस्था से कोई निजी विवाद या आर्थिक लेनदेन नहीं है और उनके पास पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो, फोटो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल्स जैसे साक्ष्य मौजूद हैं।
एसडीएम पर भी लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने आरोप लगाया कि एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार के साथ संगठन का विवाद पुराना है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में अमृतपुर तहसील में तैनाती के दौरान संगठन ने कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया था, जिसके बाद अधिकारी का स्थानांतरण हुआ था। संगठन का आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और गौशाला प्रकरण उठाने के बाद मुकदमा दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की गई है।
भाकियू अखंड प्रदेश ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि सुल्तानपुर पालनपुर गौशाला की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी कराकर साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए। संगठन के आठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस लिया जाए तथा इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही एसडीएम कायमगंज पर लगाए गए उत्पीड़न और भेदभाव के आरोपों की भी जांच की जाए। यदि जांच में गौशाला संचालन में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एनजीओ और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ गोवंश संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
48 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
भाकियू अखंड प्रदेश ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और दर्ज मुकदमे को वापस नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। संगठन का कहना है कि गौ रक्षा उसका मूल उद्देश्य है और गोवंशों के संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे मामले ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच के परिणामों पर टिकी हुई है।
