फर्रुखाबाद:
नारी वंदन अधिनियम 2023 पर भारतेन्दु नाट्य अकादमी द्वारा आयोजित नुक्कड़ नाटक महिलाओं को सम्मान अधिकार और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए भारतेन्दु नाट्य अकादमी द्वारा आज 4 स्थानों पर नारी शक्ति का नया सवेरा विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया यह प्रस्तुति शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पटेल पार्क,बढ़पुर देवी मन्दिर ग्राम नगला खुरु एवं गुरुग्राम देवी मंदिर पर आयोजित की गई जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने महिलाओं के पिछले 70 बर्षो में देश के अन्दर की स्थिति को प्रदर्शित किया।आज महिला आरक्षण के माध्यम से समाज का प्रतिनिधित्व महिलाएं भी कर सकेंगी।नाटक ने यह संदेश दिया कि नारी केवल
परिवार तक सीमित नहीं है बल्कि यह हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं प्रस्तुति का सबसे प्रभावशाली दृश्य वह रहा जिसमें एक महिला पात्र संघर्षों का सामना करते हुए आत्मनिर्भर बनाती है और समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित करती है।कलाकारों के जीवंत अभिनय और प्रतिभाशाली सवादो ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया तथा उन्हें सोचने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में लोगों से महिलाओं के सम्मान,सुरक्षा,और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आवाहन किया गया। दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और नाटक और नाटक की सराहना की।
मुख्य संदेश: नारी शक्ति का नया सवेरा
नुक्कड़ नाटक
नारी शक्ति का नया सवेरा (नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल)
पात्र – सूत्रधार & अमित – धीरज
कमला – शिवानी
अंकित – सत्या
चौधरी जी – सर्वेश भईया
सूत्रधार – नमस्कार मै धीरज
पर नुक्कड़ नाटक में सूत्रधार कमला की पति की भूमिका में हूं नारी सशक्तिकरण की हम खूब चर्चा करते हैं पर अब धीरे धीरे सब बदल रही है।कमला दुखी होकर अरे अमित हम सालों से सुन रहे थे कि नारी को संसद में हक मिलेगा,पर हर बार बात फाइलों में दब जाती थी।अमित: युवा कार्यकर्ता सही कहा तुमने पिछले 70बर्षो में कितनी ही सरकारें आई और गई ,वादे बहुत हुए पर ये अधिकार हमें कभी नहीं मिल पाया।कमला: हां कभी बिल फाड़ा गया तो कभी चर्चा ही नहीं होने दी गई।हम महिलाएं बस किनारे पर ही खड़ी रही।सूत्रधार 1: बीच में आते हुए पर जब वक्त बदल गया है,जहां चाह होती है वहां राह होती है।
सूत्रधार 2: जिस काम को दशकों से टाला जा रहा था।उसे प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने हकीकत कर दिखाया।अंकित : जोश के साथ जो अधूरा छोड़ा था 70 सालों के पहरेदारों ने उसको मुमकिन कर दिया आज ही मोदी सरकार ने।नारी का सम्मान बढ़ाना अब नहीं है केवल नारा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम
से अब बदलेगा भाग्य हमारा चौधरी: प्रभावित होकर अच्छा तो इस बार वाकई कुछ अलग हुआ है ?अंकित सत्या:- बिल्कुल चौधरी जी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि कानून बनने जा रहा है। हमारी सरकार ने इस अधिनियम को पास कराने के लिए संसद में एक विशेष सत्र बुलाया है यह “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” हमें विधानसभा और लोकसभा में 33% आरक्षण देगा।शिवानी:इसका मतलब अब
हम और हमारी बेटियां सिर्फ वोट नहीं डालेंगी बल्कि दिल्ली में बैठकर देश भी चलाएंगी?सूत्रधार: बिल्कुल मोदी जी का संकल्प है महिला विकास से महिला नेतृत्व वाला विकास।अब न रुकेंगे,अब न थकेंगे,अब कदम बढ़ाना आता है ,अब कलम पकड़ना सीख लिया है, शासन चलाना आता है।पंचायत से संसद तक अब गूंजेगी हमारी हुंकार हमारी,देश के उज्ज्वल भविष्य की अब तो है तैयारी।सूत्रधार 1: तो आइये इस ऐतिहासिक कानून का स्वागत करें।यह सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि आधी आबादी के आत्म सम्मान का दस्तावेज है।
सूत्रधार 2: नारी शक्ति वंदन अधिनियम – नारी के हाथ में शक्ति,देश की बढ़ती प्रगति।नाटक के दौरान अमित सक्सेना,धीरज मौर्या,सर्वेश श्रीवास्तव,शिवानी, सत्या भारतेन्दु नाट्य अकादमी के सदस्य सुरेन्द्र पाण्डेय सहित दर्शक उपस्थित रहे।
