जहानगंज /फर्रुखाबाद।
त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खाद्य विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर मिठाइयों के नमूने एकत्र किए। जहानगंज में मिल्क पाउडर और चीनी से छेना तैयार किए जाने का मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में खलबली मच गई।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार और संजय सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने जहानगंज क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान पर पहुंचकर छेने का नमूना लिया। बताया गया कि विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ दुकानदार सड़क किनारे संचालित दुकानों पर दूध से बनी मिठाइयों के बजाय मिल्क पाउडर और चीनी का इस्तेमाल कर छेना व रसीली मिठाइयां तैयार कर रहे हैं। इन शिकायतों के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और नमूना संग्रहित किया।
खाद्य विभाग की टीम के पहुंचने की खबर आसपास के दुकानदारों तक पहुंचते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर मौके से चले गए। इससे विभागीय टीम को अन्य दुकानों की जांच करने में भी परेशानी हुई।
अभियान को आगे बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सलेमपुर और कायमगंज तहसील क्षेत्र में भी कार्रवाई की। यहां से लड्डुओं के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाना है।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान एकत्र किए गए सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी
त्योहारों और वैवाहिक आयोजनों में मिठाइयों की खरीदारी के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सस्ती मिठाइयों के लालच में गुणवत्ता से समझौता न करें। किसी दुकान पर संदिग्ध मिठाई या खाद्य पदार्थ की बिक्री की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।
