काल बना मकान का जीना: भरभराकर मजदूर के ऊपर गिरा मलबा, आठ बच्चों के सिर से उठा पिता का साया |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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नवाबगंज/फर्रुखाबाद/

थाना क्षेत्र के पुराना गनीपुर गांव में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। पुराने मकान को तोड़ने के दौरान अचानक जीना भरभराकर एक मजदूर के ऊपर गिर पड़ा। मलबे में दबकर 53 वर्षीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने के लिए आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जिंदगी और मौत के बीच चल रही जंग में आखिरकार मौत जीत गई। इलाज के दौरान मजदूर ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, पुराना गनीपुर गांव निवासी विष्णु दयाल मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार सुबह वह गांव के ही मनोज और महेंद्र के साथ नसीम के मकान को तोड़ने के काम पर गए थे। मकान में तोड़फोड़ का काम चल रहा था। इसी दौरान विष्णु दयाल दीवार तोड़ने में जुटे हुए थे। बताया जाता है कि अचानक मकान का जीना कमजोर होकर भरभराकर उनके ऊपर आ गिरा। देखते ही देखते वह भारी मलबे के नीचे दब गए। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे के बाद साथ काम कर रहे मजदूर मनोज और महेंद्र तथा मकान मालिक नसीम ने आनन-फानन में मलबा हटाकर विष्णु दयाल को बाहर निकाला। उनकी हालत बेहद गंभीर थी। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया।

दोपहर करीब 12 बजे विष्णु दयाल को लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए उपचार किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाकर घटना की सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी।

आठ बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

विष्णु दयाल की मौत ने उनके परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। बताया गया कि उनके आठ बच्चे हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि पत्नी गिरिजा देवी और अन्य बच्चों की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। परिवार की आर्थिक स्थिति मजदूरी पर ही निर्भर थी। दिनभर मेहनत-मजदूरी करके वह अपने बच्चों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाते थे। लेकिन एक पल में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। अब पत्नी और बच्चों के सामने न केवल अपनों को खोने का गम है, बल्कि परिवार के भरण-पोषण का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मकान मालिक बोला- दीवार तोड़ने से किया था मना

मकान मालिक नसीम के मुताबिक, विष्णु दयाल ने मकान का जीना तोड़ने से पहले उसकी दीवार तोड़ी थी। उन्होंने विष्णु दयाल को दीवार नहीं तोड़ने के लिए कहा भी था, लेकिन वह नहीं माने। इसी दौरान अचानक जीना भरभराकर उनके ऊपर गिर गया और वह मलबे में दब गए।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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