फर्रुखाबाद स्टेशन बना PET अभ्यर्थियों का रैन बसेरा, किसी ने फर्श पर बिताई रात तो कोई बेंच पर सोने को मजबूर |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
5 Min Read

फर्रुखाबाद।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) अभ्यर्थियों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं हो रही है। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। किसी को 500 तो किसी को इससे भी अधिक किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। दूर-दराज के जिलों से फर्रुखाबाद पहुंचे अभ्यर्थियों की परेशानी शनिवार रात रेलवे स्टेशन पर साफ दिखाई दी। परीक्षा से एक रात पहले रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म और यात्री प्रतीक्षालय अभ्यर्थियों का अस्थायी ठिकाना बन गया।

रविवार को आयोजित होने वाली PET परीक्षा में शामिल होने के लिए शनिवार शाम से ही आजमगढ़ सहित कई दूरस्थ जिलों के अभ्यर्थियों का फर्रुखाबाद पहुंचना शुरू हो गया था। रात करीब 10 बजे रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी नजर आए। किसी के हाथ में किताबें थीं तो कोई अपने बैग को सिरहाने रखकर प्लेटफॉर्म पर ही आराम करता दिखाई दिया। परीक्षा की चिंता और लंबे सफर की थकान के बीच अभ्यर्थी रात गुजारने की जगह तलाशते रहे।

आजमगढ़ से 518 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे अभ्यर्थी

सबसे अधिक परेशानी आजमगढ़ से आए अभ्यर्थियों ने बयां की। उनका कहना था कि परीक्षा केंद्र करीब 518 किलोमीटर दूर फर्रुखाबाद में आवंटित किया गया है। इतनी लंबी दूरी तय करने के लिए उन्हें शुक्रवार को ही घर से निकलना पड़ा। रास्ते में सफर की थकान, खाने-पीने और ठहरने की परेशानियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। फर्रुखाबाद पहुंचने के बाद सबसे बड़ी समस्या रात गुजारने की खड़ी हो गई।

रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय में करीब 40 अभ्यर्थी ठहरे हुए थे। कई परीक्षार्थियों ने फर्श पर चादर बिछाकर रात बिताने की तैयारी की तो कुछ बेंच पर बैठकर आराम करते नजर आए। प्लेटफॉर्म पर भी अभ्यर्थियों की भीड़ लगी रही। कोई मोबाइल की रोशनी में प्रश्नों को दोहरा रहा था तो कोई सुबह होने का इंतजार कर रहा था।

1500 रुपये किराया सुनकर होटल से लौटे सचिन

आजमगढ़ से परीक्षा देने आए सचिन ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्होंने रात गुजारने के लिए होटल में कमरा तलाश किया था, लेकिन वहां एक कमरे का किराया 1500 रुपये बताया गया। लंबा सफर तय करने के बाद अतिरिक्त खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल था। मजबूरी में उन्हें होटल छोड़कर वापस रेलवे स्टेशन आना पड़ा। अब स्टेशन पर ही रात गुजारने का फैसला किया।

तीन दिन पहले घर से निकले, फिर भी परीक्षा की चिंता बरकरार

आजमगढ़ के संजय कुमार ने बताया कि वह बीएड कर चुके हैं और प्रवक्ता पद की परीक्षा भी दे चुके हैं। भविष्य में भर्ती निकलने की उम्मीद में उन्होंने PET का आवेदन किया था, लेकिन उनका परीक्षा केंद्र गृह जनपद से करीब 518 किलोमीटर दूर फर्रुखाबाद में बना दिया गया। परीक्षा केंद्र की जानकारी लगभग एक सप्ताह पहले मिली थी। इसके बाद से ही इतनी लंबी दूरी तय करने की चिंता सताने लगी थी।

संजय ने बताया कि परीक्षा देने के लिए उन्हें तीन दिन पहले ही घर से निकलना पड़ा। रास्ते में खाने-पीने और ठहरने की दिक्कतें झेलनी पड़ीं। लंबी यात्रा के कारण पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हुई है। उनका कहना था कि परीक्षा देने से पहले ही अभ्यर्थियों की आधी ऊर्जा सफर में खर्च हो जा रही है।

परीक्षा से पहले आर्थिक और मानसिक परेशानी से जूझ रहे अभ्यर्थी

स्टेशन पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों का भी कहना था कि दूर-दराज के जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित होने से उनका आर्थिक बजट बिगड़ रहा है। आने-जाने का किराया, भोजन और होटल का खर्च अलग से उठाना पड़ता है। कई अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी आते हैं, जिससे खर्च और बढ़ जाता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं के सामने परीक्षा देना भी चुनौती बन जाता है।

सरकार से उठी मांग, गृह जनपद के आसपास ही बनाए जाएं परीक्षा केंद्र

अभ्यर्थियों ने सरकार और परीक्षा कराने वाली संस्था से मांग की है कि भविष्य में PET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्र अभ्यर्थियों के गृह जनपद या आसपास के जिलों में ही आवंटित किए जाएं। उनका कहना है कि परीक्षा का उद्देश्य युवाओं को अवसर देना है, न कि उन्हें सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा और ठहरने की परेशानियों में उलझाना। यदि केंद्र नजदीक मिलें तो अभ्यर्थी बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव के परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *