महर्षि वाल्मीकि जयंती पर फर्रुखाबाद में गूंजे भक्ति के स्वर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
3 Min Read

फर्रुखाबाद |

महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर सोमवार को जनपद फर्रुखाबाद में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के विभिन्न वाल्मीकि मंदिरों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन, आदर्शों और उनके महान साहित्यिक योगदान को याद करते हुए सामाजिक समरसता, सद्भाव और समानता का संदेश दिया गया।

इसी क्रम में फतेहगढ़ के ग्वालटोली स्थित वाल्मीकि मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सहभागिता की। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ महर्षि वाल्मीकि के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

महर्षि वाल्मीकि के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल रामायण के रचयिता ही नहीं, बल्कि ऐसे महान ऋषि थे, जिनकी रचनाओं और विचारों ने समाज को नई दिशा प्रदान की। उनके संदेशों में समानता, न्याय, ज्ञान और मानवीय मूल्यों का विशेष महत्व है। उनके आदर्श आज भी समाज में आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।

मंत्री ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना भी है। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और महान विभूतियों के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश और सद्भावना का संचार करते हैं।

भक्ति गीतों, कविताओं और नुक्कड़ नाटकों ने बांधा समां

वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान भक्ति गीतों, कविताओं और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन एवं उनके आदर्शों को प्रस्तुत किया गया।

सूचना विभाग की ओर से भेजी गई नुक्कड़ नाटक की टोलियों ने भी प्रस्तुतियां दीं। इन नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक जागरूकता और आपसी सद्भाव का संदेश देने का प्रयास किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया और उपस्थित लोगों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी प्रेरणाओं को समझने का अवसर मिला।

अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी एसके तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल सहित अन्य संबंधित अधिकारी, स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को याद करते हुए सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *