फर्रुखाबाद/
जिले में बाल सुरक्षा और बाल अधिकारों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में “मिशन वात्सल्य”, जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना तथा जिला टास्क फोर्स एवं बाल विवाह रोकथाम जिला टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी कीमत पर बाल श्रम, बाल विवाह और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित किया गया कि होटल, ढाबों, दुकानों और कारखानों में बाल श्रमिकों की तलाश के लिए लगातार विशेष अभियान चलाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
एआरटीओ को निर्देश दिए गए कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा स्कूटी, बाइक, कार, ई-रिक्शा या किसी भी प्रकार का वाहन चलाते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के साथ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रत्येक विद्यालय में हर माह बाल विवाह रोकथाम विषय पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित कराने तथा छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लंबित आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि पात्र बच्चों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह, बाल श्रम या बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 अथवा विभागीय सीयूजी नंबर 7518024057 पर दें, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार गौड़, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, सीओ अजय वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चन्द्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एआरटीओ, सहायक श्रमायुक्त, सभी खंड विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
