प्रेम प्रसंग के शक में तालिबानी सजा, महिला और युवक को जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया; वीडियो वायरल |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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नवाबगंज (फर्रुखाबाद)।

जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक गांव में कथित प्रेम प्रसंग के शक में एक महिला और युवक को बेहद अमानवीय और अपमानजनक सजा दी गई। दोनों के गलों में जूतों की माला डालकर उन्हें पूरे गांव में सार्वजनिक रूप से घुमाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है।

पंचायत ने सुनाया तालिबानी फरमान

मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों को महिला और युवक के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग होने का शक था। बीते दिनों दोनों को संदिग्ध परिस्थितियों में देखने का दावा करते हुए परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद मामले को कानून के हवाले करने के बजाय गांव में ही पंचायत बुलाई गई।

पंचायत में मौजूद कुछ रसूखदार और तुगलकी सोच वाले लोगों ने ऑन-द-स्पॉट फैसला सुनाते हुए दोनों को जूतों की माला पहनाने और पूरे गांव में घुमाने की अमानवीय सजा दे दी।

तमाशबीन बने रहे लोग, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब पीड़ित महिला और युवक को अपमानित किया जा रहा था, तब वहां भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। हैरान करने वाली बात यह है कि किसी ने भी इस क्रूरता को रोकने की कोशिश नहीं की, बल्कि लोग मूकदर्शक बने रहे। इसी बीच किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। लोगों का कहना है कि सभ्य समाज में इस तरह की मध्यकालीन और क्रूर सजाओं के लिए कोई जगह नहीं है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है|

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना न केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि भारतीय संविधान और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। दोषी होने या न होने का फैसला सिर्फ देश की अदालतें कर सकती हैं, कोई खाप या सामाजिक पंचायत नहीं।

जांच में जुटी पुलिस प्रशासन

सोशल मीडिया पर वीडियो का संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और घटना की सत्यता जांचने में जुट गई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करती है ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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