सराह PHC में अवैध वसूली का खेल: मेडिकल ऑफिसर ने ही खोल दी विभाग की पोल, 3 हफ्ते बाद भी प्रशासन मौन !

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अमृतपुर/फर्रुखाबाद।

तहसील क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सराह एक बार फिर गंभीर आरोपों और आंतरिक विवादों को लेकर सुर्खियों में है। कई दिनों से विवादों में घिरे इस स्वास्थ्य केंद्र में अब मेडिकल ऑफिसर द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है। अस्पताल में तैनात एएनएम पर अवैध वसूली, अनियमितताओं और अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद

PHC सराह उस समय चर्चा में आया जब अस्पताल में तैनात मेडिकल ऑफिसर और एएनएम के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया। मामले में दोनों पक्षों द्वारा अपने-अपने स्तर से शिकायतें दर्ज कराई गईं।

जानकारी के अनुसार, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुप्रिया झा ने चौकी सराह में लिखित प्रार्थना पत्र देकर मामले की शिकायत की, साथ ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया। दूसरी ओर, एएनएम द्वारा भी विभागीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया है।

एएनएम पर अवैध वसूली और पोर्टल में गड़बड़ी के आरोप

मेडिकल ऑफिसर द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में अस्पताल में तैनात एएनएम अंजुम निशा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि डिलीवरी के नाम पर महिलाओं से अवैध धन उगाही की जाती है। इतना ही नहीं, जिला लोहिया अस्पताल में हुई महिलाओं की डिलीवरी को भी PHC सराह के पोर्टल पर दर्शाने जैसी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, संबंधित एएनएम द्वारा निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए गए हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दुर्व्यवहार और हमला करने के प्रयास का आरोप

मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुप्रिया झा ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि एएनएम अंजुम निशा ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया तथा हमला करने का भी प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि घटना का वीडियो साक्ष्य भी उनके पास उपलब्ध है, जिसे जांच में प्रस्तुत किया जा सकता है।

खबरें प्रकाशित, फिर भी कार्रवाई का इंतजार

PHC सराह में चल रही कथित अनियमितताओं और विवादों को लेकर विभिन्न समाचार पत्रों में भी खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा जांच और कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी अभी तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।जिससे साफ जाहिर होता है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

DM से निष्पक्ष जांच की मांग

मामले में कार्रवाई न होने से नाराज मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुप्रिया झा ने अब फर्रुखाबाद की जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई सवाल अभी भी अनुत्तरित बने हुए हैं।

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