एनएफडीसी ने ‘वेव्स डॉक बाजार रिकमेंड्स’ के तहत उन चुने हुए परियोजनाओं की घोषणा की जिन्हें वेव्स डॉक बाजार 2026 में दिखाया जाएगा
वेव्स डॉक बाजार 19 देशों और 35 भाषाओं की 155 वैश्विक प्रविष्टियों में से 12 परियोजनाओं को चुना
एनएफडीसी ने वेव्स डॉक बाजार 2026 में हिस्सा लेने वाले तीन बेहतरीन परियोजनाओं के लिए 3 लाख रुपये का नकद अनुदान देने की घोषणा की
नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएफडीसी) ने 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ), 2026 के दौरान होने वाले वेव्स डॉक बाजार के दूसरे संस्करण के लिए ‘वेव्स डॉक बाजार रिकमेंड्स’ कार्यक्रम के तहत चुने गए परियोजनाओं की घोषणा की है।
एमआईएफएफ का यह बाजार खंड 16 से 18 जून, 2026 तक मुंबई के डॉ. गोपालराव देशमुख मार्ग पर स्थित एनएफडीसी के मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। इसमें वृत्तचित्र, लघु फिल्म और एनिमेशन इकोसिस्टम से जुड़े फिल्मकार, निर्माता, प्रसारणकर्ता, वितरक, फेस्टिवल प्रोग्रामर्स और उद्योग जगत के पेशेवर एक साथ आएंगे।
वेव्स डॉक बाजार फिल्म उद्योग का एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य ‘व्यूइंग रूम’, ‘वर्क-इन-प्रोग्रेस (डब्ल्यूआईपी) लैब’ और ‘बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठक’ जैसी पहलों के जरिए सहयोग, नेटवर्किंग और बाजार से संबंधित अवसरों को बढ़ावा देना है।
उभरती प्रतिभाओं को समर्थन प्रदान करने और कहानी कहने की असरदार कला को बढ़ावा देने की एक अहम पहल के तहत, एनएफडीसी ने वेव्स डॉक बाजार 2026 में हिस्सा लेने वाले तीन बेहतरीन परियोजनाओं के लिए 3 लाख रुपए का नकद अनुदान देने की घोषणा की है। ये अनुदान उन परियोजनाओं को दिए जाएंगे जिनमें बेहतरीन रचनात्मक सोच, दिलचस्प कहानी, कलात्मक खूबी और भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दर्शकों को जोड़ने की क्षमता हो।
‘वर्क-इन-प्रोग्रेस लैब’ में हिस्सा ले रहे चार परियोजनाओं समेत वेव्स डॉक बाजार रिकमेंड्स के तहत चुने गए प्रोजेक्ट्स में 12 परियोजनाएं शामिल हैं। डब्ल्यूआईपी लैब के जरिए, चुने गए फिल्मकार अपनी फिल्मों के रफ कट्स को अंतरराष्ट्रीय परामर्शदाताओं एवं एडिटरों के एक सम्मानित पैनल के सामने पेश करेंगे। उन्हें अपनी परियोजनाओं को और बेहतर बनाने तथा उन्हें फिल्म उद्योग में बड़े स्तर पर जुड़ने और वितरण के अवसरों के लिए तैयार करने के लिए जरूरी प्रतिक्रिया, मार्गदर्शन और सलाह मिलेगी।
इसके अलावा, वेव्स डॉक बाजार रिकमेंड्स लाइन-अप के तहत आठ परियोजनाओं को चुना गया है। ये फिल्में या तो पूरी हो चुकी हैं या पोस्ट-प्रोडक्शन के आखिरी चरण में हैं और इनके लिए बिक्री, वितरण और प्रदर्शन के मौके तलाशे जा रहे हैं। यह कार्यक्रम खरीदारों, वितरकों, प्रसारणकर्ताओं, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ार्मों और फिल्म उद्योग के अन्य हितधारकों के साथ बातचीत में मदद करेगा, ताकि व्यापक बाजार और अधिक संख्या में दर्शकों तक पहुंचने के रास्ते तलाशे जा सकें।
चुने गए सभी 12 परियोजनाएं 16 जून 2026 को इस बाजार के पहले दिन होने वाले ‘ओपन पिच सेशन’ में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में फिल्मकार को खरीदारों, वितरकों, प्रसारणकर्ताओं और महोत्सव के प्रतिनिधियों सहित फिल्म उद्योग के अलग-अलग पेशेवरों के सामने अपनी परियोजनाओं को पेश करने का मौका मिलेगा। इससे प्रतिभागियों को अपनी फिल्मों के अनोखे विजन को दिखाने के साथ-साथ सार्थक भागीदारी एवं सहयोग बनाने का भी मौका मिलेगा।
वेव्स डॉक बाज़ार के दूसरे संस्करण की एक प्रमुख विशेषता ‘व्यूइंग रूम’ है। यह एक खास डिजिटल लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म है, जहां फिल्मकार फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को अपना काम दिखा सकते हैं। इससे नेटवर्किंग, वितरण और प्रदर्शन के मौके मिलेंगे।
इस वर्ष, ‘व्यूइंग रूम’ में 19 देशों की 35 भाषाओं की 155 परियोजनाएं दिखाई जायेंगी। इससे खरीदारों, प्रसारणकर्ताओं, वितरकों, फेस्टिवल प्रोग्रामर्स और उद्योग से जुड़े अन्य लोगों को दुनिया भर की वृत्तचित्रों की कहानियों और परिपेक्ष्यों की व्यापक विविधता देखने को मिलेगी।
र्क-इन-प्रोग्रेस लैब 2026 के लिए चुनी गई फिल्में
1. अदियू दिल्ली – निर्देशक: नंदन सक्सेना और कविता बहल
2. इट टेक्स अ विलेज – निर्देशक: इंद्रजीत मोरे
3. कुंचोक एंड हिज मेनी मून्स – निर्देशक: अशोक मीणा
4. ऑन अ गुड नोट – निर्देशक: करिश्मा राव
वेव्स डॉक बाजार रिकमेंड्स 2026 के लिए चयनित फिल्में
1. बाय द होम – निदेशक: मनकप नोकवोहम
2. दो चार दिन – निर्देशक: सान्या आनंद
3. एचे – निर्देशक: डिंगकु थिंगनाम
4. रसनिष्पति – निर्देशक: हरीश के.एम.
5. राइज – निर्देशक: अरस्तु ज़किया
6. द गर्ल बिनिथ द सन – निर्देशक: मधुरिमा मैती
7. तुरु – निर्देशक: रामेश्वर भट्ट
8. टुकरो टुकरो पृथिबी – निर्देशक: अस्मिता पाल
चुनी गईं ये परियोजनाएं आज के दौर की वृत्तचित्र निर्माण की विविधता, रचनात्मकता और मजबूती को दर्शाती हैं। साथ ही, ये उभरती हुई आवाजों को बढ़ावा देने और फिल्मकारों के लिए वैश्विक बाजार एवं दर्शकों से जुड़ने के सार्थक अवसर बनाने के प्रति एनएफडीसी की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती हैं।
