फर्रुखाबाद |
जिले में गंगा और रामगंगा नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ की आशंका को गहरा कर दिया है। तीन दिनों से नदियों के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के चलते कायमगंज, अमृतपुर और सदर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में पानी पहुंचने लगा है। हालात बिगड़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और कई स्थानों पर लोग पानी के बीच से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 137 मीटर पर पहुंच गया। गंगा का खतरे का निशान 137.10 मीटर है। ऐसे में नदी खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। बुधवार रात से गुरुवार सुबह के बीच गंगा के जलस्तर में करीब 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर 137.30 मीटर पर पहुंच गया है। बताया गया है कि खतरे का निशान 137.10 मीटर है, यानी रामगंगा खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक रामगंगा के जलस्तर में भी करीब 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी ने बढ़ाई चिंता
नदियों के बढ़ते जलस्तर के पीछे बैराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी प्रमुख कारण माना जा रहा है। नरौरा बांध से 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। इसके अलावा खो, हरेली और रामनगर बैराज से भी पानी छोड़ा गया है। इससे आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की आशंका बनी हुई है।
गांवों में घुसा पानी, ग्रामीण परेशान
जलस्तर बढ़ने का असर अब नदी किनारे बसे गांवों में साफ दिखाई देने लगा है। कई जगह घरों के आसपास और रास्तों पर पानी भर गया है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ ही ग्रामीणों को पशुओं के चारे और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कायमगंज, अमृतपुर और सदर तहसील क्षेत्र के प्रभावित गांवों में ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नदियों का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

