फर्रुखाबाद।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पांचाल घाट पर आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी अलख देखने को मिली। जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा योद्धाओं और युवाओं की टीम ने घाट पर एक वृहत स्वच्छता और जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान न केवल नदी को साफ किया गया, बल्कि श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प भी दिलाया गया।
नदी से निकालीं खंडित मूर्तियां और प्लास्टिक
गंगा दशहरा पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच युवाओं की टीम ने घाट पर मोर्चा संभाला। टीम ने नदी के भीतर और घाटों पर सघन सफाई अभियान चलाकर वहां विसर्जित की गई खंडित मूर्तियां, प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य पूजन सामग्री को बाहर निकाला।
इसके साथ ही, टीम के सदस्यों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घाट पर आए लोगों को पूजा सामग्री और मूर्तियां जल में प्रवाहित करने से रोका। नाविकों को भी सख्त हिदायत दी गई कि वे किसी भी प्रकार का कचरा या अपशिष्ट सामग्री गंगा नदी में विसर्जित न करें।
मूर्तियों के अपमान और बढ़ते प्रदूषण पर चिंता
अभियान के दौरान जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने गंगा दशहरा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
हिंदू धर्म में मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए आज के स्नान का विशेष महत्व है। लेकिन दुर्भाग्यवश, कुछ श्रद्धालु अनजाने में गंगा तट पर अनावश्यक सामग्री और खंडित मूर्तियां छोड़ जाते हैं। अज्ञानता के कारण ये मूर्तियां लोगों के पैरों के नीचे आती हैं, जिससे उनका अपमान होता है।
उन्होंने आगे चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में गंगा नदी में जलस्तर कम हो गया है और प्रदूषण का ग्राफ बढ़ रहा है। ऐसे में हर नागरिक को यह शपथ लेनी होगी कि वे गंगा में कोई अपशिष्ट नहीं डालेंगे और अपनी नदियों को बचाने का प्रयास करेंगे।
सुरक्षा के लिए भी किया जागरूक
स्वच्छता के साथ-साथ टीम ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा। युवाओं ने स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका और सभी नाविकों को अनिवार्य रूप से लाइव जैकेट का प्रयोग करने के निर्देश दिए।
ये रहे उपस्थित
इस सराहनीय अभियान में ए.डी.ओ. पंचायत ओम पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार, और प्रमुख गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा, सुमित कुमार, अमित प्रकाश, घनश्याम तथा रचना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

