श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
*औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संरक्षण के लिए सहायक श्रम आयुक्त की तैनाती का किया अनुरोध*
*जनपद में श्रम विभाग की लोकहितकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की महत्वपूर्ण पहल*
एटा । जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने जनपद में श्रम विभाग की जनकल्याणकारी एवं लोकहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश शासन को पत्र प्रेषित कर जनपद में सहायक श्रम आयुक्त की तैनाती किए जाने का अनुरोध किया है।
जिलाधिकारी ने उल्लेखित किया है कि प्रदेश सरकार द्वारा यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2026 के माध्यम से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिए जाने के फलस्वरूप जनपद एटा में भी अनेक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया प्रगति पर है। वर्तमान में जनपद में जवाहरपुर तापीय परियोजना श्री सीमेंट आगरा, चिकोरी प्लांट, घुंघरू घंटी उत्पादन इकाइयों सहित अन्य छोटी बड़ी इकाइयों में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं तथा आगामी समय में रोजगार के अवसरों में और वृद्धि होने की संभावना है।
उन्होंने अवगत कराया कि जनपद में सहायक श्रम आयुक्त का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण श्रमिकों एवं सेवायोजकों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं विधिक मामलों के निस्तारण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण तथा श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन में भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं, जिनमें असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण, श्रमिक कल्याण योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य लाभकारी कार्यक्रम शामिल हैं, उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाना आवश्यक है। सहायक श्रम आयुक्त की अनुपस्थिति के कारण इन योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब की स्थिति उत्पन्न होती है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जनपद में निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए श्रमिकों के हितों का संरक्षण, औद्योगिक विवादों का निस्तारण तथा श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए जनपद में सहायक श्रम आयुक्त की तैनाती जनहित एवं प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
