नवाबगंज/फर्रुखाबाद |
नवाबगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया। खुद को ब्लॉक का नोडल अधिकारी बताकर एक बाइक सवार युवक ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री को विश्वास में लिया और जांच के बहाने अपने साथ ले गया। रास्ते में अधिकारियों से मिलकर लौटने का झांसा देकर आरोपी कार्यकत्री के पास मौजूद नकदी, सोने की दो अंगूठियां, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण कागजात लेकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

बरतल गांव निवासी सुमन श्रीवास्तव बराबिकू गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकत्री हैं। मंगलवार सुबह वह केंद्र जाने के लिए अलीगंज रोड स्थित बस स्टैंड पर सवारी का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक वहां पहुंचा और रास्ते के संबंध में बातचीत करने लगा। बातचीत के दौरान युवक ने खुद को ब्लॉक का नोडल अधिकारी बताया और कहा कि वह भी उसी आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के लिए जा रहा है।
नोडल अधिकारी समझकर कार्यकत्री उसके झांसे में आ गईं और बाइक पर उसके साथ बैठ गईं। आरोपी उन्हें लेकर रूटोल गांव से आगे पहुंचा और अचानक बाइक रोक दी। उसने बताया कि बड़े अधिकारी प्रधान के घर नाश्ता कर रहे हैं और वह उनसे मिलने जा रहा है। इसी दौरान उसने विश्वास कायम करने के लिए एक बैग कार्यकत्री को पकड़ा दिया और दावा किया कि उसमें 25 हजार रुपये रखे हैं।
इसके बाद शातिर ने कार्यकत्री से उनका पर्स और सोने की दो अंगूठियां यह कहकर ले लीं कि वह अधिकारियों से मिलकर तत्काल वापस लौट आएगा। पर्स में नाती के शगुन के 10 हजार रुपये, मोबाइल फोन और आंगनबाड़ी केंद्र से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात रखे थे। आरोपी सामान लेकर कुछ दूर गया और फिर वापस नहीं लौटा।
काफी देर इंतजार करने के बाद जब बाइक सवार नहीं लौटा तो कार्यकत्री को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने आसपास तलाश की और घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सीओ राजेश कुमार द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। फुटेज में कार्यकत्री बाइक सवार युवक के साथ जाती हुई दिखाई दी हैं।
निरीक्षण की जानकारी लीक होने पर भी पुलिस की नजर
इस घटना में सबसे अहम सवाल यह है कि आरोपी को आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण की जानकारी पहले से कैसे थी। बताया गया कि सोमवार शाम को ही सुपरवाइजर अर्चिता ने ग्रुप में मंगलवार को सीडीपीओ द्वारा केंद्र के निरीक्षण की जानकारी साझा की थी। इसके अगले ही दिन कथित नोडल अधिकारी बनकर युवक का पहुंचना पुलिस के लिए भी गंभीर जांच का विषय बन गया है।
अब पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आखिर निरीक्षण की जानकारी आरोपी तक कैसे पहुंची और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने उसे यह सूचना दी थी। पुलिस आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुराग जुटा रही है।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

