जहानगंज/फर्रुखाबाद/
तीन दशक से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे लूट के एक आरोपी को जहानगंज थाना पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर वर्ष 1996 में तमंचे के बल पर नकदी और घड़ी लूटने का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान आरोपी रामवीर का नाम सामने आया था, जिसके बाद से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। करीब 30 साल बाद पुलिस ने उसे फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
मामला 1 सितंबर 1996 का है। जहानगंज थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव निवासी मोहम्मद फयाज खां ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही नाहिद और दो अज्ञात बदमाशों ने तमंचा दिखाकर उनसे करीब 10,500 रुपये की नकदी और एक घड़ी लूट ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
विवेचना आगे बढ़ी तो इस वारदात में रामवीर का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस की ओर से कई बार दबिश दी गई और न्यायालय से सम्मन भी जारी हुए, बावजूद इसके आरोपी लंबे समय तक पुलिस के हाथ नहीं लगा।
बताया गया कि आरोपी के खिलाफ न्यायालय की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद धारा 82 की कार्रवाई भी की गई। नवंबर 2023 में उसे भगोड़ा घोषित किया गया। इसके बाद न्यायालय के स्तर से उसकी जल्द गिरफ्तारी के निर्देश मिलने पर पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी।
पुलिस के अनुसार, रामवीर की पत्नी की काफी पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर नोएडा चला गया था। करीब चार वर्ष पहले वह वापस लौटा और फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र में रहने लगा। पुलिस को उसकी मौजूदगी की भनक लगने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
सुबह मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर जहानगंज पुलिस ने एका क्षेत्र में दबिश देकर लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी रामवीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद 1996 से लंबित चल रहे लूट के इस मामले में करीब तीन दशक बाद एक अहम गिरफ्तारी हुई है।
तीन दशक पुरानी फाइल में फिर आई तेजी
लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की लगातार तलाश और न्यायालयीय कार्रवाई के बाद मिली सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है |

