शमशाबाद/फर्रुखाबाद।

शमशाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुआं खेड़ा वजीर आलम खां के गांव भकुसा स्थित प्राथमिक विद्यालय बदहाल व्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। एक ओर सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विद्यालय की स्थिति उन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
विद्यालय परिसर में जगह-जगह करीब दो फीट ऊंची घास खड़ी हुई है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो यह विद्यालय नहीं बल्कि जानवरों के चरने का मैदान हो। विद्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त दिखाई दे रही है। वहीं विद्यालय तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग भी पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुका है। सड़क और नाली एक जैसी नजर आती हैं, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि रास्ते की दुर्दशा के कारण कई बच्चे नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और कई अभिभावक मजबूरी में बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो ग्राम पंचायत ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिया। वर्षों से जर्जर पड़े मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चों को विद्यालय तक पहुंचने के लिए ही संघर्ष करना पड़े, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे कितने सार्थक हैं? भकुसा के ग्रामीण अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद इस खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटे और बच्चों को सुरक्षित रास्ता तथा स्वच्छ विद्यालय का अधिकार मिल सके। फिलहाल यह देखना बाकी है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर इस समस्या को भी अन्य शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
