डीएम के औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप, गैरहाजिर फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के निर्देश |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
3 Min Read

Ad image

अमृतपुर/ फर्रुखाबाद।

जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर रखने के लिए जिलाधिकारी ने रविवार को सीएचसी अमृतपुर और पीएचसी पिथनापुर का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। उन्होंने अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से लेकर चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

सीएचसी अमृतपुर में रोजाना 200 से अधिक मरीज, फिर भी स्टाफ की कमी

सीएचसी अमृतपुर में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। प्रसव सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए उन्होंने तत्काल नई स्टाफ नर्स की नियुक्ति कराने को कहा।

निरीक्षण के दौरान एक फार्मासिस्ट ड्यूटी से गायब मिला। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित फार्मासिस्ट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने साफ किया कि अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पिथनापुर में एएनएम के काम की डीएम ने थपथपाई पीठ

पीएचसी पिथनापुर के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की एक बेहतर तस्वीर भी सामने आई। यहां तैनात एएनएम अंजुम निशा द्वारा प्रतिमाह 30 से अधिक सुरक्षित प्रसव कराए जाने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने उनके कार्य की सराहना की। उन्होंने एएनएम का उत्साहवर्धन करते हुए इसी तरह जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

बाढ़ के बाद बीमारियों का खतरा, स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश

जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखा जाए और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए और प्राथमिकता के आधार पर हेल्थ कैंप आयोजित कर लोगों को जांच, उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही किसी भी बीमारी के फैलने की स्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *