महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर

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महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर

वर्षांत तक 32,168 महिलाओं को विभिन्न कन्वर्जेंस योजनाओं का लाभ दिलाते हुए बनाया जाएगा लखपति दीदी

विभागीय योजनाओं से बढ़ेगी समूह महिलाओं की आय, 25 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य

जिले में 54,576 महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

जिले में अब तक 59730 पात्र गृहस्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया

अलीगढ़ । जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी, कुटुंबश्री योजना और पात्र गृहस्थी परिवारों को महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को गति देने एवं ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति पर चर्चा की गई। सीडीओ योगेन्द्र कुमार ने निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के अभियान में और तेजी लाई जाए और विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिकाधिक महिलाओं तक पहुंचाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए। महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन मंजू त्रिवेदी ने बताया कि जिले में अब तक 54,576 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 32,168 महिलाओं को विभिन्न कन्वर्जेंस योजनाओं से लाभान्वित कर चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक लखपति दीदी के रूप में विकसित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि मई माह तक जिले में 1,25,928 पात्र गृहस्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़े जाने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 59,730 परिवारों को समूहों से जोड़ा जा चुका है। साथ ही जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत 16,622 परिवारों को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आजीविका गतिविधियों से लाभान्वित किया गया है।

बैठक में कुटुंबश्री योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि महिलाओं को रोजगार एवं आय के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद में 11 नवीन कुटुंबश्री कैंटीन स्थापित किए जाने के प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए गए हैं।

मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि विभागीय योजनाओं के बेहतर समन्वय के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाना प्राथमिकता है। उन्होंने एडीओ को निर्देश दिए कि कृषि के साथ-साथ गैर कृषि गतिविधियों में संलग्न महिलाओं को भी समूहों से जोड़ा जाए। सीडीओ ने बताया कि वर्षभर में 25 हजार पात्र गृहस्थी परिवारों को ब्लॉक स्तर पर स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने समूह सखी, विद्युत सखी, रोजगार सेवक एवं ग्राम सचिव के माध्यम से अधिकाधिक महिलाओं को समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं से प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो पात्र गृहस्थी परिवारों को लाभान्वित करने पर जोर दिया।

बैठक में डीडीओ आलोक आर्य, पीडी भाल चंद त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष जायसवाल, एलडीएम अशोक सौनी, डीएसओ सत्यवीर सिंह, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संजीदा बेगम, सीवीओ डा0 दिवाकर त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक चौधरी अरूण कुमार, डीपीओ के0के0 राय डीएओ धीरेन्द्र सिंह चौधरी समेत अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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