फर्रुखाबाद।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रभारी मंत्रियों की नई सूची जारी कर दी है। इस सूची में एक बार फिर सरकार ने फर्रुखाबाद जनपद की कमान कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह को सौंपकर उन पर अपना भरोसा कायम रखा है। खास बात यह है कि फर्रुखाबाद के साथ-साथ उन्हें झांसी जिले का प्रभारी मंत्री भी नियुक्त किया गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस सूची में कई जिलों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं, लेकिन फर्रुखाबाद जनपद में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। सरकार ने जयवीर सिंह को पुनः प्रभारी मंत्री बनाकर यह संकेत दिया है कि उनके कार्यों और संगठनात्मक क्षमता पर उसे पूरा विश्वास है।
चुनावी तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण फैसला
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह निर्णय आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फर्रुखाबाद जनपद की राजनीतिक और सामाजिक संरचना को देखते हुए सरकार किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती थी। जिले की भोजपुर और अमृतपुर विधानसभा सीटों पर क्षत्रिय मतदाताओं का प्रभाव माना जाता है और जयवीर सिंह स्वयं भी इसी समाज से आते हैं। ऐसे में उनकी पुनर्नियुक्ति को राजनीतिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
विकास कार्यों से बनाई अलग पहचान
जयवीर सिंह ने अपने पिछले कार्यकाल में जिले के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई थी। संस्कृत एवं पर्यटन विभाग के मंत्री होने के नाते उन्होंने क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं को गति दी। प्रशासनिक बैठकों में उनकी सक्रियता और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा को भी सराहा गया।
कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी
प्रभारी मंत्री के रूप में दोबारा नियुक्ति की खबर सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि जयवीर सिंह के नेतृत्व में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिसका लाभ जिले के विकास कार्यों में भी दिखाई दिया है।
झांसी की जिम्मेदारी से बढ़ा राजनीतिक कद
फर्रुखाबाद के साथ झांसी जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी मिलना जयवीर सिंह के बढ़ते राजनीतिक कद का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार ने उन्हें दो महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी देकर भविष्य की रणनीति में उनकी भूमिका को और मजबूत किया है।
फिलहाल फर्रुखाबाद में प्रभारी मंत्री के पद पर कोई बदलाव न होने से प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी और चल रही विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आगामी चुनावी माहौल में यह फैसला जिले की राजनीति में भी अहम प्रभाव डाल सकता है।
