राजेपुर/फर्रुखाबाद
राजेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पट्टी दारापुर में एक गरीब परिवार का अपने सिर पर छत का सपना अधूरा रह गया। पड़ोसी की शिकायत के बाद पुलिस द्वारा निर्माण कार्य रुकवा दिए जाने से पीड़ित परिवार गहरे संकट में फंस गया है। परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी ने झूठी शिकायत कर उनके मकान का निर्माण रुकवा दिया, जबकि निर्माण कार्य उनकी पुश्तैनी जमीन पर किया जा रहा था। अब पीड़ित ने सांसद को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने की मांग की है।
गांव निवासी सदावृक्ष पुत्र संतराम लोधी राजपूत ने बताया कि उनका पुश्तैनी मकान काफी समय पहले जर्जर होकर गिर गया था। बरसात के दिनों में घर में पानी भर जाने के कारण परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गृहस्थी का सामान भी बार-बार खराब हो जाता था। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर और लोगों से कर्ज लेकर अपने पुश्तैनी भूखंड पर नया मकान बनवाने का निर्णय लिया।
पीड़ित के अनुसार मकान निर्माण कार्य शुरू होते ही पड़ोस में रहने वाले रामवीर पुत्र रामभत्त ने पुरानी रंजिश के चलते उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सदावृक्ष सरकारी चकरोड की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान का निर्माण करा रहे हैं। सदावृक्ष का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है और जिस स्थान पर निर्माण कार्य चल रहा है वह उनकी पैतृक भूमि है, जिसका उनके परिवार का वर्षों से कब्जा और उपयोग रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के आधार पर बीती 24 मई 2026 को पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। इसके बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। अधूरा निर्माण होने के कारण परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सदावृक्ष ने बताया कि उनका परिवार फिलहाल बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है। घर का अधिकांश सामान गांव के अन्य लोगों के यहां रखवाना पड़ा है और परिवार के पास रहने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम निकट है और यदि समय रहते निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया तो परिवार को और भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के यहां गुहार लगाने के बाद भी समस्या का समाधान न होने पर उन्होंने क्षेत्रीय सांसद को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पीड़ित ने सांसद से अनुरोध किया है कि राजस्व विभाग से भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराकर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि निर्माण उनकी वैध भूमि पर पाया जाए तो निर्माण कार्य पुनः शुरू कराने के निर्देश दिए जाएं।
ग्रामीणों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में भूमि विवाद है तो उसका समाधान राजस्व विभाग की जांच के आधार पर होना चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
क्या बोले थाना प्रभारी
राजेपुर थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि मामले से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर आवश्यक जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और राजस्व अभिलेखों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
गरीब परिवार की एक ही मांग— निष्पक्ष जांच और अपने आशियाने का अधिकार
फिलहाल सदावृक्ष और उनका परिवार प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें केवल निष्पक्ष जांच और अपनी वैध जमीन पर घर बनाने का अधिकार चाहिए, ताकि वर्षों की मेहनत और कर्ज लेकर शुरू किया गया उनका आशियाना अधूरा न रह जाए।
