फर्रुखाबाद/फतेहगढ़/
जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सख्त रुख अपनाते हुए दो चिकित्सा अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की मासिक समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई।
बैठक में नियमित टीकाकरण (आरआई) कार्यक्रम की खराब प्रगति पाए जाने पर कायमगंज के एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि नौलखा के एमओआईसी का एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की समीक्षा करते हुए सभी गर्भवतियों की समय से जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के कम चिन्हांकन पर उन्होंने नाराजगी जताई और सभी एचआरपी महिलाओं की पहचान कर उन्हें समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी एमओआईसी को ऐसी महिलाओं का समय रहते उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना में खराब प्रदर्शन पर फटकार
जननी सुरक्षा योजना में सीएम डैशबोर्ड पर जिले को ‘डी’ रैंक मिलने और केवल 40 प्रतिशत भुगतान होने पर डीएम ने असंतोष जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए डीएम ने सभी पीएचसी और सीएचसी केंद्रों पर पंखे, कूलर, एसी, वाटर कूलर तथा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सभी एमओआईसी को तीन दिन के भीतर सभी आशा कार्यकर्ताओं की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आईडी बनवाने के निर्देश भी दिए।
18,639 बच्चों का हुआ चिन्हीकरण
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 18,639 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है। वहीं 102 एंबुलेंस सेवा की सीएम डैशबोर्ड पर 55वीं रैंक आने पर डीएम ने नाराजगी जताई और रिस्पॉन्स टाइम सुधारने के निर्देश दिए।
इसके अलावा एचआर और वाहन निविदा के समय विस्तार संबंधी प्रस्ताव को जिलाधिकारी ने निरस्त करते हुए नई निविदाएं आमंत्रित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों के नवीनीकरण और वेतन वृद्धि प्रस्ताव को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के प्रदर्शन के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
