कायमगंज/फर्रुखाबाद |
तहसील-दिवस में गूंजा मुद्दा………….जब तक अतिरिक्त पैसा नहीं विधुत कनेक्शन नही,इसी के चलते आज भारतीय कृषक एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने नये विधुत कनेक्शन की समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा,उन्होने कहा कि आनलाइन करे हुए नये कनेक्शन रिजेक्ट कर दिए जाते है जी हां यह है विधुत विभाग रूटौल में कार्यरत जेई जावेद अहमद खां,जो कि फर्खपुर,फरीदपुर जनपद बरेली के रहने वाले हैं कहने को तो यह जूनियर इंजिनियर है परंतु यह अपना रसूख एस0ई0 का रखता हैं राकेश कुमार जेई के तबादले के बाद आये लगभग एक बर्ष बीत गया कायमगंज नगर में इनकी कार्यशैली अत्यंत निन्दनीय है,इससे पूर्व में यह अपने सहयोगी एसडीओ विनोद कुमार जो कि जेई के पद पर थे इनकी खूब बनती थी और आज भी साथ में है।
यह उपभोक्ता के अधिकारों का हनन करने से नही चूकते,पढे लिखे उपभोक्ता को बेबकूफ समझते है नये उपभोक्ता चाहते हैं कि कोई विधुत कनेक्शन करवाने में दिक्कत न हो मजबूरी में अतिरिक्त धन देकर अपना कनेक्शन करवा लेते हैं,
विधुत चेकिंग का भी इन्हे बहुत शौक है सही को गलत बताकर उसके नाम एफआईआर करवा दी जाती है वो चाहे कोई व्यापारी हो,समाज सेवक हो या कोई प्रतिनिधि सभी का शोषण कर प्रताड़ित किया जा रहा है इसी से सम्बंधित इन पर कई मुकदमे भी पंजीकृत है।
सबसे बडी बात यह है कि इनके अधीनस्थ जो भी मित्र या कर्मचारी है उनके बैंक खातों में पीड़ित उपभोक्ता द्वारा समझौता कर पैसे ट्रांसफर करवाये जाते हैं इसी संदर्भ में 2015-16 में जो प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के अंतर्गत जो गरीबों को विधुत कनेक्शन दिये गये उसमें भी बड़ा झोल है मीटर न चढने की वजह से बिलिंग नही हो सकी तथा धन वसूली 15000-से पचास हजार तक खेल हुआ उन मीटरों को इनके द्वारा उखडवाकर
दूसरे नये मीटर लगवा दिये गये लेकिन उच्च आधिकारी मौन है। इसका सारा पैसा अपने अधीनस्थ मित्रों के बैंक खातो में ट्रांसफर कराया जाता है जिसकी वजह से खुद पर कोई दाग न लगे। यदि इनकी आय से अधिक सम्पत्ति की जांच करवाकर देख लिया जाये कि क्या सही है और क्या गलत है।
राजेश कुमार राजपूत पुत्र प्रेमनाथ निवासी नईबस्ती ने अपने भाई देवेन्द्र राजपूत व एक अन्य विनोद कुमार प्रजापति पुत्र ओमप्रकाश निवासी सधवाडा दो नये कामर्शियल कनेक्शन के लिए आनलाइन करवाया था कुछ समय पश्चात उन्हे रिजेक्ट कर दिया गया, पूछने पर
एस्टीमेट बनाकर विधुतीकरण करवाने का कहकर नये आनलाइन विधुत कनेक्शनों को रिजेक्ट करने का ब्योरा बता दिया गया।
मैने जब रूटौल विधुत उपखंड पहुंचकर जे0ई0 जावेद से इस सम्बन्ध में दो नये आनलाइन कामर्शियल कनेक्शन को रिजेक्ट करने की वजह पूछी तो उन्होने कहा बगैर एस्टीमेट के मै कनेक्शन नही दूंगा,जब मैने योगी सरकार की नये कनेक्शन को आसानी से देने की बात कही तो बौखलाकर जेई ने कहा कौन योगी यहां के योगी हम है अतिरिक्त पैसा दो विधुत कनेक्शन लो,यह सुनकर जब मैने कामर्शियल कनेक्शन का खर्च पूछा तो 8 हजार रूपये कनेक्शन के और 15 हजार अतिरिक्त रूपये देने की बात कही
इस हिसाब से दो कनेक्शन के 46 हजार हुए, यह सुनकर मैने अपने मीडिया के प्रतिनिधि से बात करवाई तो उसने बौखला कर कहा कुछ भी कर लो बगैर अतिरिक्त रूपये के कनेक्शन नही मिलेगा ,यह स्थिति है एक जूनियर इंजिनियर की।मै कोर्ट के माध्यम से कनेक्शन करवा लेने की बात को कहकर चला आया। यह आये दिन चर्चा का बिषय बने रहते है फिर चाहे वह क्षेत्र का गांव किन्नर नगला हो या फिर पूर्व मे खिनमिनी का मामला हो,लगातार नगरवासियों द्वारा शिकायत करने के बाद भी कोई भी उच्चअधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं,जिससे विधुत उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
