डीएम ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, सामुदायिक शौचालयों, बायोगैस प्लांट और कचरा प्रबंधन की प्रगति पर जताई गंभीरता |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद।

जनपद में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे विकास कार्यों को गति देने और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। जब तक ग्रामीण स्वयं स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर इसमें सक्रिय भागीदारी नहीं करेंगे, तब तक अभियान के उद्देश्य पूरी तरह सफल नहीं हो सकते। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता से जुड़ी सभी गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियमित निगरानी भी आवश्यक है।

डॉ. लाठर ने विकासखंड स्तर पर आयोजित ग्राम सभाओं की बैठकों के जियो टैगिंग फोटो एवं वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि स्वच्छता अभियान की गतिविधियों का सही मूल्यांकन किया जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने सभी सामुदायिक शौचालय नियमित रूप से खुले रहें, उनकी साफ-सफाई बेहतर रहे तथा वहां तैनात केयरटेकरों को समय पर मानदेय का भुगतान किया जाए। उन्होंने शौचालयों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

बैठक में उन ग्राम पंचायतों के कार्यों की भी समीक्षा की गई जहां स्वच्छता संबंधी परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर गठित ग्राम समितियों को ग्रामीणों के बीच प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) के संचालन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखंड बढ़पुर की ग्राम पंचायत याकूतगंज, विकासखंड मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत सितवनपुर पितू तथा विकासखंड शमशाबाद की ग्राम पंचायत रम्पुरा स्थित गौशालाओं में स्थापित बायोगैस प्लांटों को आगामी 15 दिनों के भीतर हर हाल में क्रियाशील करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से स्वच्छता के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने दोहराया कि स्वच्छ गांव ही स्वस्थ समाज की पहचान है और जनसहयोग के बिना इस लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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