करंट बने मौत का जाल: ड्यूटी पर जा रहे कायमगंज के युवा इंजीनियर की नाले में गिरकर दर्दनाक मौत, जलभराव और बिजली सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज/फर्रुखाबाद/नोएडा।

नोएडा में गुरुवार सुबह हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे कायमगंज क्षेत्र को गमगीन कर दिया। जलभराव से भरी सड़क पर ड्यूटी के लिए जा रहे 23 वर्षीय युवा इंजीनियर आर्यन प्रजापति का पैर फिसल गया और वह ऐसे नाले में जा गिरा, जिसमें बिजली का करंट दौड़ रहा था। देखते ही देखते आर्यन की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोग उसे बचाना चाहते थे, लेकिन नाले में फैले करंट के कारण कोई भी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सका। इस हृदयविदारक हादसे ने एक मां की गोद उजाड़ दी और एक परिवार का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन गया।

कायमगंज नगर के मोहल्ला कूंचा निवासी आर्यन प्रजापति नोएडा की एक निजी कंपनी में सोलर पैनल एवं इन्वर्टर निर्माण इकाई में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। गुरुवार सुबह वह रोज की तरह नौकरी पर जा रहे थे। लगातार बारिश के कारण सड़क पर जलभराव था। सड़क पार करते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पास के नाले में जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाले में बिजली का करंट दौड़ रहा था, जिससे कोई भी व्यक्ति उन्हें बाहर निकालने का साहस नहीं कर सका।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद आर्यन को नाले से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसी दौरान वहां से गुजर रही कंपनी की एक महिला कर्मचारी ने आर्यन को पहचान लिया और कंपनी प्रबंधन को सूचना दी। मोबाइल फोन के माध्यम से परिजनों को हादसे की जानकारी दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

आर्यन का जीवन संघर्षों से भरा रहा। लगभग पांच वर्ष पहले उनके पिता संजय प्रजापति का निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक की पढ़ाई पूरी की और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। नौकरी मिलने के बाद वह नोएडा में रहकर अपनी मां और परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। वह अपनी मां रानी के इकलौते बेटे और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अभी शादी भी नहीं हुई थी।

परिजनों ने बताया कि दादा रामविलास कन्या विद्या पीठ इंटर कॉलेज से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी निजी नौकरियों में कार्यरत हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मां रानी और चाचा मोहित नोएडा के लिए रवाना हो गए, जबकि वहीं रह रहे चाचा राजीव तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।

आर्यन की मौत की खबर जैसे ही कायमगंज पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मोहल्ले में मातम का माहौल है और हर किसी की आंखें नम हैं। लोगों का कहना है कि यदि जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते और खुले नालों की उचित सुरक्षा की गई होती, तो शायद एक युवा इंजीनियर की जान बचाई जा सकती थी।

प्रशासन से उठी बड़ी मांग

इस हादसे ने एक बार फिर नगरों में जलभराव, खुले नालों और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा ऐसे सभी स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं, जहां बारिश के दौरान बिजली का करंट फैलने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को अपना बेटा इस तरह न खोना पड़े।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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