फर्रुखाबाद/शमशाबाद।
जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों पर नकेल कसने के अभियान में शमशाबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए शमशाबाद थाना पुलिस ने मुस्तैदी का परिचय दिया और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को घटना के मात्र 2 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
शादी की बाइक खरीदने गए युवक से बाग के पास हुई लूट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम नैगवां निवासी दीपचंद्र निर्भय शास्त्री अपनी बहन की शादी के लिए मोटरसाइकिल खरीदने अलीगंज गए थे। वहां से वापसी के दौरान ठंडी कुइया से सिकंदरपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित आम के बागों के पास घात लगाए बैठे लुटेरों ने उन्हें अपना निशाना बनाया और लूटपाट की घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
112 की सूचना पर दौड़ी पुलिस, किसान यूनियन के साथ थाने पहुंचे पीड़ित
वारदात के तुरंत बाद पीड़ित दीपचंद्र निर्भय शास्त्री ने सूझबूझ दिखाते हुए 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद पीड़ित अपने साथी लोधी आलोक राजपूत और ‘ऑल इंडिया किसान यूनियन’ की टीम के साथ शमशाबाद थाने पहुंचे, जहां उन्होंने थानाध्यक्ष को पूरे घटनाक्रम से लिखित रूप में अवगत कराया।
कप्तान के निर्देश पर 2 घंटे में हुआ सफल खुलासा
मामले की गंभीरता और पीड़ित के किसान यूनियन से जुड़े होने के चलते, पुलिस अधीक्षक महोदय ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के आदेश मिलते ही शमशाबाद थानाध्यक्ष सचिन चौधरी ने पुलिस टीम के साथ तत्काल घेराबंदी और जांच शुरू कर दी। पुलिस की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि मात्र 2 घंटे के भीतर ही आरोपी को दबोच लिया गया और घटना का सफल अनावरण हुआ।
जनता में बढ़ा विश्वास, पुलिस टीम का जताया आभार
शमशाबाद पुलिस की इस एक्सप्रेस रफ्तार और प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र की जनता में सुरक्षा का भाव और मजबूत हुआ है। अपराधियों को भी यह कड़ा संदेश मिला है कि क्षेत्र में अपराध कर बच पाना नामुमकिन है।
“थानाध्यक्ष सचिन चौधरी और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार” घटना के त्वरित खुलासे पर खुशी जाहिर करते हुए पीड़ित दीपचंद्र निर्भय शास्त्री और किसान यूनियन के नेताओं ने कहा, “थानाध्यक्ष सचिन चौधरी एक तेज-तर्रार और ईमानदार अधिकारी हैं। उनकी कार्यशैली, सक्रियता और अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति वास्तव में सराहनीय है। ऐसे ही कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की वजह से समाज में पुलिस और कानून के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है।”
