फर्रुखाबाद/
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध की गूंज देर रात फर्रुखाबाद में भी सुनाई दी। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और लोहिया तिराहे पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही फर्रुखाबाद में सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। रात करीब साढ़े नौ बजे पार्टी कार्यकर्ता सपा कार्यालय पर एकत्र हुए, जहां से पैदल मार्च निकालते हुए लोहिया तिराहे पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
धरना स्थल पर सपाइयों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने “सरकार विरोधी नीतियां नहीं चलेंगी”, “किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद” तथा “लोकतंत्र की आवाज को दबाना बंद करो” जैसे नारों से माहौल गूंजा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। विपक्षी नेताओं की हिरासत लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरने में प्रदेश सचिव मनोज मिश्रा, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व मंत्री सर्वेश अंबेडकर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए कहा कि छात्र-युवा और किसानों के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
धरना स्थल पर देर रात तक समर्थकों का पहुंचना जारी रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कादरी गेट थाना पुलिस के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे जिलेभर में और व्यापक रूप दिया जाएगा।
