कायमगंज/फर्रुखाबाद।

नीट पेपर लीक प्रकरण और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को कायमगंज के पिथौरा स्थित जाकिर महल में कांग्रेस की ओर से “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस नेता मोहम्मद उमर खुर्शीद ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से उत्तराखंड के खटीमा के पूर्व विधायक भुवन कापड़ी मौजूद रहे। कार्यक्रम में फर्रुखाबाद सहित आसपास की विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नीट पेपर लीक और छात्रों के मुद्दों पर दिया गया संदेश उपस्थित युवाओं को दिखाया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सभा समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कायमगंज की ओर शांतिपूर्ण मार्च निकालने का प्रयास किया। जैसे ही जुलूस कार्यक्रम स्थल से बाहर निकला, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उसे रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता मोहम्मद उमर खुर्शीद, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अंकुर मिश्रा और जुनैद खान की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस का कहना था कि आयोजन की अनुमति केवल जाकिर महल परिसर में बैठक तक सीमित थी, जबकि जुलूस और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
पुलिस द्वारा रोके जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में नेताओं ने मार्ग बदलकर दूसरे रास्ते से यात्रा निकालने का निर्णय लिया। इसी बीच कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल का मुख्य गेट बंद कर कुछ कार्यकर्ताओं को बाहर आने से रोक दिया गया। इस पर उमर खुर्शीद, अंकुर मिश्रा और जुनैद खान ने विरोध जताते हुए गेट खुलवाया और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर यात्रा को आगे बढ़ाया।
यात्रा पिथौरा शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) पहुंची, जहां सभा आयोजित कर आंदोलन का समापन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हो रहा है और छात्रों की आवाज़ को दबाने के लिए लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अनिल मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा, जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, उजैर अली खान, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अम्मार अली जैदी, विधानसभा अध्यक्ष शिवआशीष तिवारी, अतीक सलमानी, अशोक राठौड़, अशोक सिंह, रमाकांत मिश्रा, वात्सल्य मिश्रा, लक्ष्मण शाक्य, ऋषभ मिश्रा, शुभम श्रीवास्तव, प्रमोद पांडे, रामदत्त, जाहिदा परवीन, जावेद खान, रोहित वर्मा, फराज खान, सैफी भाई, सुमित मिश्रा, तन्मय मिश्रा, चमन खान, दानिश बिलाल, पारस, आदर्श मिश्रा, आनंद, अभय गुप्ता, रशीद, अनीश, अंकित कठेरिया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि आयोजकों को केवल सभा आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। बिना अनुमति जुलूस निकालने और तहसील घेराव की कोशिश किए जाने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को रोका गया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद कार्यकर्ता निर्धारित मार्ग बदलकर कार्यक्रम समाप्त करने के लिए रवाना हुए।
