फतेहगढ़ की सिखलाई रेजीमेंट में मिला लापता अग्निवीर का शव, तीन दिन से था गायब; पूरे सैन्य परिसर में शोक की लहर |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फतेहगढ़/फर्रुखाबाद |

स्थित सिखलाई रेजीमेंट में उस समय हड़कंप मच गया जब तीन दिनों से लापता चल रहे एक युवा अग्निवीर का शव रेजीमेंट के एक खाली बैरक में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के सामने आने के बाद सैन्य अधिकारियों और पुलिस विभाग में खलबली मच गई। जवान की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में भी मातम छा गया।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय जसनप्रीत सिंह पुत्र निवासी ग्राम भगतगढ़, थाना तालेवाल, जिला बरनाला (पंजाब) के रूप में हुई है। वह फतेहगढ़ स्थित सिखलाई रेजीमेंट की एडम बटालियन में अग्निवीर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। बताया जा रहा है कि जसनप्रीत इसी वर्ष मार्च माह में ट्रेनिंग के लिए यहां आया था।

तीन दिन पहले अचानक हुआ था लापता

रेजीमेंट सूत्रों के अनुसार जसनप्रीत करीब तीन दिन पहले अपनी यूनिट से अचानक लापता हो गया था। उसके गायब होने के बाद सैन्य अधिकारियों द्वारा उसकी तलाश शुरू की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसी बीच बुधवार को एमटीसी क्वार्टर के समीप स्थित एक लंबे समय से बंद पड़े बैरक से तेज दुर्गंध आने लगी।

बैरक से उठ रही बदबू ने आसपास मौजूद लोगों को आशंकित कर दिया। मामले की सूचना तुरंत फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी शिवकुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

दरवाजा खुलते ही सामने आया दर्दनाक मंजर

पुलिस ने जब बंद बैरक का दरवाजा खुलवाया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। बैरक के भीतर जसनप्रीत सिंह का शव फंदे से लटका हुआ था। शव कई दिन पुराना होने के कारण उसमें सड़न शुरू हो चुकी थी और उसी वजह से दुर्गंध फैल रही थी।

घटना की सूचना मिलते ही सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि बैरक का दरवाजा अंदर से बंद था और जवान ने वहीं फंदा लगाकर जान दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से मौत की पुष्टि

फतेहगढ़ कोतवाल तेज सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदा लगना बताया गया है। चिकित्सकीय जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि मौत शव मिलने से लगभग दो दिन पहले हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव सेना की संबंधित यूनिट को सौंप दिया गया। वहीं सेना और पुलिस दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है।

आखिर क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशिक्षण के लिए आए युवा अग्निवीर ने ऐसा कदम क्यों उठाया। फिलहाल इस संबंध में कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस और सैन्य अधिकारी जवान की गतिविधियों, मानसिक स्थिति और पिछले कुछ दिनों की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

जसनप्रीत सिंह की मौत से सिखलाई रेजीमेंट में शोक का माहौल है। वहीं पंजाब स्थित उनके परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। जवान के असामयिक निधन से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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