फर्रुखाबाद/
आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन ने नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई अभियान में तेजी ला दी है। जिले की सभी नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों में बड़े स्तर पर नालों की सफाई कराई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत नगर विकास विभाग ने जिले के सभी नगरीय निकायों में नालों की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि जिले में कुल 102 नालों के सापेक्ष अब तक 65 नालों की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 37 नालों की सफाई तेजी से जारी है। प्रशासन ने इन सभी शेष नालों की सफाई 15 जून और 20 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
फर्रुखाबाद और कायमगंज में युद्धस्तर पर चल रहा कार्य
नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद क्षेत्र में कुल 16 नालों में से 5 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 11 नालों पर कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि 20 जून तक सभी नालों की सफाई पूर्ण कर ली जाएगी।
वहीं नगर पालिका परिषद कायमगंज में कुल 15 नालों में से 5 नालों की सफाई पूरी हो गई है। बाकी 10 नालों की सफाई का कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कई नगर पंचायतों ने हासिल किया शत-प्रतिशत लक्ष्य
नगर पंचायत शमशाबाद, संकिसा-बसंतपुर, मोहम्मदाबाद और कम्पिल ने नालों की सफाई का कार्य पूरी तरह समाप्त कर लिया है। इन क्षेत्रों में सभी नालों की सफाई कराकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया गया है।
नगर पंचायत नवाबगंज में 16 में से 12 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष चार नालों का कार्य 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
नगर पंचायत कमालगंज में 7 में से 3 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है तथा बाकी 4 नालों की सफाई 20 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खिमसेपुर नगर पंचायत में 17 में से 10 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष 7 नालों की सफाई चरणबद्ध तरीके से 15 और 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
सफाई के साथ कूड़ा निस्तारण पर भी जोर
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नालों से निकाली गई सिल्ट, कूड़ा-कचरा और अन्य अवशेषों का तत्काल निस्तारण कराया जाए ताकि दोबारा अवरोध की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी करते हुए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों और संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा गया है।
रोगों पर भी लगेगी रोक
प्रशासन का मानना है कि नालों की नियमित सफाई से बारिश का पानी आसानी से निकल सकेगा और जलभराव की समस्या कम होगी। इसके अलावा मच्छरों के प्रजनन पर भी नियंत्रण होगा, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित व संक्रामक रोगों की आशंका में कमी आएगी।
जनता से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नालों और नालियों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें। प्रशासन का कहना है कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर का सपना तभी साकार होगा जब स्थानीय निकायों के साथ आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। नालों की सफाई के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि मानसून शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।
