शमशाबाद/ फर्रुखाबाद |
ढाईघाट गंगा तट पर ब्रह्मलीन महंत 1008 विजय गिरी जी महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके शिष्य श्री रामचंद्र गिरी खड़ेस्वरी महाराज के संयोजन में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
विभिन्न प्रांतों से पहुंचे संत-महात्मा
स्मृति कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश समेत कई प्रांतों से संत-महात्मा और श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक अनुष्ठान, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन के बीच संतों ने ब्रह्मलीन महंत विजय गिरी जी के जीवन, त्याग और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उपस्थित संतों ने गुरु के बताए सत्य, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
1001 संतों को कराया भोजन, दी गई दक्षिणा
आयोजन के दौरान 1001 संतों को विशेष रूप से भोजन कराया गया। महाराज रामचंद्र गिरी खड़ेस्वरी जी महाराज ने सभी संतों को गुरु दक्षिणा भेंट कर आशीर्वाद लिया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन ढाईघाट का माहौल भक्तिमय बना रहा।
गुरु की शिक्षाएं जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
आयोजकों ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन महंत विजय गिरी जी महाराज ने अपना पूरा जीवन धर्म और समाज सेवा को समर्पित किया। उनके आदर्शों और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
