सड़क चौड़ीकरण या लकड़ी की तस्करी, फर्रुखाबाद वन विभाग पर मिलीभगत के आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज /फर्रुखाबाद |

कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के अंतर्गत सलेमपुर ढूंढे माई रोड पर सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य के दौरान काटे गए पेड़ों की लकड़ी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर सरकारी संपत्ति के संरक्षण में लापरवाही और निजी आरा मशीन संचालकों से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण कार्य के चलते आम, शीशम और पीपल सहित कई पेड़ों की कटान की गई थी। आरोप है कि कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को नियमानुसार सरकारी डिपो भेजने अथवा संबंधित किसानों को उपलब्ध कराने के बजाय निजी आरा मशीन तक पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि खान पेट्रोल पंप के सामने स्थित एक आरा मशीन पर उक्त लकड़ी उतारी जा रही थी।

मामले में वन विभाग के दरोगा जहीर खान और राजेश कुमार (DFO)का नाम भी सामने आ रहा है।आरोप लगाने वालों का कहना है कि सरकारी लकड़ी को डिपो भेजने के बजाय निजी स्तर पर खपाने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब स्थानीय लोग और कुछ जिम्मेदार नागरिक मौके पर पहुंचे तो वन विभाग के कर्मचारी हड़बड़ाहट में दिखाई दिए। आरोप है कि पूछताछ के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा बाद में लकड़ी को सरकारी डिपो भेजने की बात कही गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण के दौरान काटे गए पेड़ सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं तो उनकी लकड़ी का पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। लोगों ने यह भी मांग की है कि पेड़ों की संख्या, उनकी प्रजाति, अनुमानित मूल्य तथा लकड़ी के अंतिम गंतव्य की जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आ सके।

सूत्रों के अनुसार मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। नागरिकों ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या निकलकर सामने आती है। फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है तथा लोग पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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